उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश सिराज अहमद मारा गया। सिराज लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर लूट, हत्या, डकैती व हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों के दर्जनों मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार, वह किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में पंजाब–हरियाणा सीमा से सटे सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र में मौजूद था। एसटीएफ को शनिवार देर रात सूचना मिली थी कि सुल्तानपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र के लोलेपुर गांव का रहने वाला सिराज अहमद इलाके में सक्रिय है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गंगोह क्षेत्र में घेराबंदी की। जैसे ही टीम ने संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया, सिराज ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में सिराज अहमद को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश ने बताया कि सिराज अहमद बेहद शातिर किस्म का अपराधी था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कुल करीब 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे और पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
मुठभेड़ स्थल से एसटीएफ ने भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से एक मोटरसाइकिल, दो अवैध पिस्टल (30 बोर और 32 बोर), बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस, चार मोबाइल फोन, दो वाई-फाई डोंगल, एक छोटा बैग, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन सामानों से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि सिराज किसी बड़ी आपराधिक साजिश की तैयारी में था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिराज की मौत से कई जिलों में सक्रिय अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और फरारी के दौरान लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई जिलों की पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगी हुई थीं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है और बरामद सामान की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस एनकाउंटर से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ बढ़ेगा।