- तुर्किये में बना PNS खैबर नौसेना में शामिल
पाकिस्तान की आर्थिक हालत किसी से छिपी नहीं है। IMF के कर्ज, बढ़ती महंगाई और जनता की बदहाल स्थिति के बावजूद देश की सैन्य सोच में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा। ताजा उदाहरण है तुर्किये में बने युद्धपोत PNS Khaibar का पाकिस्तानी नौसेना में शामिल होना। यह जहाज MILGEM क्लास का हिस्सा है और इसे तुर्किये की तकनीकी मदद से तैयार किया गया है।
इस्तांबुल नेवल शिपयार्ड में आयोजित कमीशनिंग समारोह में तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ शामिल हुए। इस मौके पर दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को रणनीतिक साझेदारी करार दिया। एर्दोगन ने पाकिस्तान को “भाई देश” बताते हुए दीर्घकालिक दोस्ती की बात दोहराई।
PNS खैबर को पाकिस्तान नौसेना का सबसे आधुनिक सतही युद्धपोत माना जा रहा है। इसमें आधुनिक मिसाइल सिस्टम, एडवांस रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक कमांड कंट्रोल शामिल है। यह पोत समुद्री सीमाओं की निगरानी, पनडुब्बी रोधी अभियान और हवाई खतरों से निपटने में सक्षम है।
यह परियोजना 2018 में शुरू हुई थी, जब पाकिस्तान ने चार MILGEM क्लास जहाजों के निर्माण का करार तुर्किये के साथ किया। समझौते के अनुसार दो जहाज तुर्किये में और दो पाकिस्तान में तैयार किए जाने हैं। अब तुर्किये में बनने वाले दोनों जहाज पूरे हो चुके हैं, जबकि पाकिस्तान में निर्माण कार्य जारी है।
जहाज के नौसेना में शामिल होने पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि इससे समुद्री व्यापार मार्गों और आर्थिक हितों की सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात में पाकिस्तान का सैन्य खर्च बढ़ाना प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।