लखनऊ: कोडिन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में एक अहम सच्चाई है, जिसे जानबूझकर छिपाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने बताया कि प्रदेश के 36 जिलों में कोडिन कफ सिरप से जुड़े मामलों में 118 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इसके बावजूद बड़े स्तर पर किसी भी नेटवर्क का पर्दाफाश न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यूपी में लंबे समय से कफ सिरप का काला कारोबार फल-फूल रहा था, लेकिन सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
तस्वीरों के जरिए हमला
अखिलेश ने कहा कि सरकार अब तस्वीरों के सहारे राजनीति कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर किसी के साथ तस्वीर होने से अपराध तय हो जाता है, तो मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के साथ खिंची तस्वीरों का क्या मतलब निकाला जाएगा?”
उन्होंने आगे कहा, “जब खुद फंस जाओ, तो दूसरों पर इल्जाम लगाना मजबूरी बन जाती है।”
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जांच एजेंसियों पर सवाल
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जहरीली और अवैध कफ सिरप की जांच कर रही STF की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो किसी बड़े कारोबारी पर कार्रवाई हुई है और न ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया है। इससे साफ है कि जांच प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
अखिलेश यादव ने नशाखोरी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए STF के साथ-साथ अलग से जीटीएफ गठित करने की मांग की।
शायरी के जरिए राजनीतिक वार
अखिलेश ने सोशल मीडिया पर शायरी के माध्यम से सरकार पर हमला करते हुए लिखा कि सत्ता में बैठे लोग खुद घिरने पर आरोपों की दिशा बदल देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों की तस्वीरों के साथ लिखा कि कोडिन के डर ने सबको एक मंच पर खड़ा कर दिया है।