लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे डॉ. कुमार अपने प्रशासनिक अनुभव और सख्त निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने एडीजी कानून-व्यवस्था और कार्यकारी डीजीपी जैसे अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई। उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को बेहतर करने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया। यही कारण है कि सरकार ने उन्हें शिक्षा सेवा चयन आयोग जैसी संवेदनशील संस्था की जिम्मेदारी सौंपी है।
शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि डॉ. प्रशांत कुमार के नेतृत्व में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष होगी और लंबित भर्तियों को गति मिलेगी। इससे न केवल योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा भी मजबूत होगा।