देवरिया जनपद के महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज परिसर में लगाए गए दो महीने के डिज्नीलैंड मेले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस मेले का कड़ा विरोध जताया है। आरोप है कि इस तरह के व्यावसायिक मेले से विद्यालय के छात्रों की पढ़ाई, अनुशासन और शारीरिक-मानसिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कॉलेज परिसर के भीतर और चारदीवारी के अंदर डिज्नीलैंड थीम पर आधारित मेला लगाया गया है, जो लंबे समय तक चलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल के समय तेज संगीत, भीड़ और बाहरी गतिविधियों के कारण शैक्षिक माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे छात्रों का ध्यान पढ़ाई से भटक रहा है और विद्यालय की गरिमा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा शिक्षण संस्थानों के परिसर में किसी भी प्रकार के प्रदर्शनी या मेले के आयोजन पर स्पष्ट रोक लगाई गई है। इसके बावजूद प्रशासनिक अनुमति देकर इस मेले का आयोजन कराया गया है। विरोध कर रहे लोगों का दावा है कि मेला आयोजकों ने कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन की मिलीभगत से नियमों को दरकिनार कर यह अनुमति हासिल की है।
मामले में सदर एसडीएम श्रुति शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके सीयूजी नंबर पर कॉल रिसीव नहीं हुआ। बाद में एसडीएम कार्यालय में तैनात कर्मचारी से जानकारी लेने पर बताया गया कि मेले की अनुमति एसडीएम स्तर से दी गई है। कार्यालय कर्मियों का कहना है कि पूर्व में भी कॉलेज परिसर में ऐसे आयोजन होते रहे हैं, इसी आधार पर अनुमति प्रदान की गई।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए इस मेले को तत्काल हटाया जाए और छात्रों के शैक्षिक हितों से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।