- मोमबत्ती से लगी आग में दो वर्षीय बच्ची जिंदा जली, परिवार शादी में गया था
लखनऊ | दो वर्षीय नन्ही नायरा की जान परिवार की एक लापरवाही ने छीन ली। यह हृदयविदारक हादसा मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के बड़कली गांव में हुआ, जहां घर में अकेले सो रही बच्ची मोमबत्ती से लगी आग की चपेट में आकर जल गई। घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
बच्ची के पिता रजनीश और परिवार के अन्य सदस्य बुधवार रात गांव में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। घर में बिजली न होने की वजह से बच्ची के बिस्तर के पास एक मोमबत्ती जलाई गई थी। अनुमान है कि मोमबत्ती गिरने से आसपास का सामान सुलगने लगा और धीरे-धीरे आग बिस्तर तक फैल गई। करीब दो घंटे बाद जब परिवार समारोह से वापस लौटा तो कमरे से धुआं उठते देख उनके होश उड़ गए। अंदर पहुंचकर उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक नायरा आग की लपटों में बुरी तरह झुलस चुकी थी। परिवार की चीख-पुकार से गांव वाले भी मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार सुबह बिना पुलिस सूचना दिए मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दौराला इंस्पेक्टर सुमन कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना की पुलिस को कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। यह हादसा इस बात की गंभीर चेतावनी है कि घर में छोटी-सी चूक भी बड़े संकट में बदल सकती है। अकेले बच्चों को छोड़कर जाना और जलते हुए स्रोतों के समीप सुलाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ग्रामीण भी इस दर्दनाक घटना से सदमे में हैं और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।