इंडिगो एयरलाइन इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। लगातार दूसरे दिन उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला जारी रहा और शुक्रवार को कंपनी ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द कर दीं। इन उड़ानों में 31 आगमन और 23 प्रस्थान शामिल थे। इस बढ़ते अव्यवस्थापन के बीच विमानन सुरक्षा नियामक DGCA ने कड़ा रुख अपनाते हुए चार उड़ान परिचालन निरीक्षकों (FOIs) को निलंबित कर दिया है।
नागर विमानन महानिदेशालय के FOI अत्यंत वरिष्ठ अधिकारी होते हैं। ये एयरलाइनों के संचालन, सुरक्षा मानकों और नियामकीय अनुपालन की निगरानी करते हैं। इंडिगो के परिचालन में बड़े पैमाने पर आई गड़बड़ियों के बाद इन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे, जिसके बाद DGCA ने तुरंत कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में इंडिगो की उड़ानों में भारी अव्यवस्था और रद्दीकरण मामले सामने आए। गुरुवार को ही दिल्ली और बेंगलुरु से 200 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, कई लोग एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे।
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इधर DGCA ने जांच को तेज कर दिया है। विमानन कंपनी के मुख्यालय में निरीक्षण अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो लगातार परिचालन की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। DGCA की जांच समिति ने गुरुवार को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स से पूछताछ की और शुक्रवार दोपहर 2 बजे उन्हें फिर से उपस्थित होने के लिए बुलाया है। इसके साथ ही मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) इसिड्रे पोरक्वेरास को भी जवाब देने के लिए तलब किया गया है।
DGCA का कहना है कि उसके पास लगातार यात्रियों की शिकायतें आ रही हैं और इंडिगो के परिचालन में आ रही गड़बड़ियां बेहद गंभीर हैं। ऐसे में नियामक ने इसे एक बड़े सिस्टम फेलियर के रूप में देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। एयरलाइन कंपनी ने अब परिचालन सुधारने के लिए आंतरिक समीक्षा भी शुरू की है। यात्रियों पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है। कई लोग यात्रा योजनाओं में बदलाव करने के लिए मजबूर हुए, जबकि कुछ यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें ही नहीं मिल सकीं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई, तो इसका असर इंडिगो की विश्वसनीयता और यात्री भरोसे पर पड़ सकता है।