पुतिन दौरे से पहले राहुल का केंद्र पर तीखा प्रहार

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  • ‘विदेशी नेताओं को LoP से न मिलने को कहती है सरकार, असुरक्षा का प्रमाण’

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से महज कुछ घंटे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में राहुल ने दावा किया कि सरकार विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को नेता प्रतिपक्ष (LoP) से न मिलने की सलाह देती है। उन्होंने कहा, “यह एक पुरानी परंपरा रही है कि विदेशी नेता विपक्ष के नेता से भी मिलते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के समय यह होता था, लेकिन अब नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय इस परंपरा का पालन नहीं करते। जब विदेशी आते हैं या मैं विदेश जाता हूं, तो सरकार उन्हें कहती है कि मुझसे न मिलें। हमें संदेश मिलता है कि ‘सरकार ने मना किया है’।”राहुल ने जोर देकर कहा कि विपक्ष भी भारत का प्रतिनिधित्व करता है। “विदेशी नेताओं को हमसे मिलने से एक अलग दृष्टिकोण मिलता है, जो राष्ट्रीय मुद्दों पर संतुलित राय देता है। लेकिन सरकार नहीं चाहती कि ऐसा हो। यह उनकी असुरक्षा का प्रमाण है।” उन्होंने पुतिन के दौरे का जिक्र किए बिना कहा कि LoP को अलग नजरिया देने का हक है, जो सरकार को पसंद नहीं।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल के आरोप का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “यह अजीब है। प्रोटोकॉल के तहत सभी गणमान्य व्यक्ति LoP से मिलते हैं। सरकार इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रही है। उनकी नीतियां इसी पर आधारित हैं – वे किसी की आवाज नहीं सुनना चाहते। लोकतंत्र में सभी को राय रखने का अधिकार है, चर्चा होनी चाहिए। यह असुरक्षा का फैसला है, जो लोकतंत्र की छवि खराब करता है। भगवान जाने उन्हें किसका डर है।” पुतिन आज शाम दिल्ली पहुंचेंगे। कल प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय शिखर बैठक होगी, जिसमें रक्षा सहयोग मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबावों से बचाना और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर साझेदारी जैसे मुद्दे प्रमुख होंगे। यह उनका चार साल बाद भारत दौरा है, जो यूक्रेन संघर्ष के बाद पहली बार हो रहा है।

विपक्ष के इस आरोप ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला (बीजेपी राज्यसभा सांसद) ने जवाब दिया, “मिलने का कोई अनिवार्य नियम नहीं। यह समय और इच्छा पर निर्भर करता है।” राहुल ने हाल ही में बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना, मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन से मुलाकात की थी।

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