अमेरिका के डेलावेयर में एक खौफनाक साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। 25 साल का पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक लुकमान खान 24 नवंबर की रात न्यू कैसल काउंटी के एक पार्क में गिरफ्तार हुआ। वह डेलावेयर विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र है और अपने पुराने कैंपस में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की पूरी तैयारी कर चुका था। पुलिस को उसके ट्रक से एक ग्लॉक पिस्तौल, 27 राउंड की मैगजीन, बॉडी आर्मर प्लेट्स और एक विशेष किट मिली, जिससे पिस्तौल को सेमी-ऑटोमैटिक राइफल में बदला जा सकता था। सबसे डरावना सबूत एक हाथ से लिखी नोटबुक थी। इसमें विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन का नक्शा था – हर दरवाजा, गलियारा और निकासी मार्ग चिह्नित। पन्नों पर लिखा था: “सभी को मारो”, “शहीद बनना सबसे बड़ी बात है” और हमले के बाद पुलिस से बचने की पूरी रणनीति।
पूछताछ में खान ने कहा कि उसके लिए “शहीद” होना सर्वोच्च लक्ष्य था। हालांकि उसने हमले का ठोस मकसद नहीं बताया। पड़ोसी बताते हैं कि पहले वह हंसमुख था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से अकेला रहने लगा और किसी से बात नहीं करता था। FBI ने मामले को घरेलू आतंकवाद की श्रेणी में रखा है। खान पर अवैध मशीन गन रखने सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। विश्वविद्यालय ने तुरंत सुरक्षा कड़ी कर दी है। यह घटना अमेरिका में बढ़ते कैंपस हिंसा के खतरे को फिर से उजागर करती है।