- हिंदू देवताओं की संख्या पर मुख्यमंत्री के सवाल ने तेलंगाना की राजनीति गरमाई; BJP ने पूछा—क्या रेवंत रेड्डी ने इस्लाम कबूल कर लिया?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में तूफान ला दिया है। हिंदू देवी-देवताओं की संख्या को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर बीजेपी और हिंदू संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। मामला इतना गरमा गया है कि बीजेपी ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी रेवंत रेड्डी से बिना शर्त माफी की मांग कर दी है।
कौन-सा बयान बना विवाद की जड़?
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा,
“हिंदू कितने भगवानों में विश्वास करते हैं? क्या तीन करोड़ हैं? इतने सारे क्यों हैं? कुंवारे लोगों के लिए एक भगवान—हनुमान। दो बार शादी करने वालों के लिए एक और… शराब पीने वालों के लिए एक। मुर्गे की बलि और दाल-चावल के लिए भी अलग-अलग देवता हैं।”
सीएम ने आगे कहा कि लोग अलग-अलग देवताओं की पूजा करते हैं—कोई बालाजी का भक्त है, कोई हनुमान को मानता है, कोई अयप्पा दीक्षा लेता है, तो कोई शिव आराधना करता है। उन्होंने कहा कि “देवताओं को लेकर भी कोई एकमत नहीं है।”
BJP का पलटवार – ‘क्या रेवंत रेड्डी ने इस्लाम कबूल कर लिया?’
बीजेपी विधायक राजा सिंह ने कड़ा हमला बोलते हुए पूछा कि क्या ओवैसी के साथ गठबंधन करने के बाद रेवंत रेड्डी ने इस्लाम स्वीकार कर लिया है? उन्होंने कहा कि “ABVP से कांग्रेस में आते ही क्या उनका खून बदल गया?”
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने 3 दिसंबर को पूरे तेलंगाना में रेवंत रेड्डी के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है।
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने कहा कि “हमने चेतावनी दी थी कि कांग्रेस की जीत से हिंदुओं का आत्मसम्मान खतरे में पड़ जाएगा। आज वही सच साबित हो रहा है।”
VHP और हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया
विश्व हिंदू रक्षा परिषद और अन्य संगठनों ने मुख्यमंत्री से तुरंत बिना शर्त माफी की मांग की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी टिप्पणी अत्यंत अनुचित और हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाने वाली है।
वहीं, कांग्रेस का अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।