मुंबई। प्रेम कहानियाँ अक्सर खुशहाल अंत के लिए जानी जाती हैं, लेकिन महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की यह कहानी इतनी दर्दनाक है कि जिसने भी सुना, उसकी आँखें नम हो गईं। 22 वर्षीय सक्षम पवार और 20 वर्षीय आंचल ठाकुर तीन वर्षों से एक-दूसरे से प्यार करते थे। दोनों कोर्ट मैरिज करने वाले थे, लेकिन आंचल के पिता गजानन बालाजीराव मामिलवाड़ और भाइयों को यह रिश्ता जाति के नाम पर स्वीकार नहीं था। परिवार का विरोध इतना बढ़ गया कि उन्होंने सक्षम को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
बताया जाता है कि 26 नवंबर को आंचल के परिवार वालों ने सक्षम को बात करने के बहाने बुलाया। पहले उसे बेरहमी से लाठी-डंडों से पीटा गया, फिर सीने में गोली मार दी और अंत में पत्थरों से सिर कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पिता गजानन, भाइयों साहिल और वेदांत, सहित रिश्तेदार जयश्री ठाकुर और सोमश लाखे को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला साफ तौर पर ऑनर किलिंग का प्रतीक बनकर सामने आया।
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लेकिन इस कहानी का सबसे भावुक और दर्द से भरा अध्याय अभी बाकी था। पोस्टमॉर्टम के बाद जब सक्षम का शव घर लाया गया, तब आंचल लाल जोड़ा पहनकर वहां पहुँचीं। रोते हुए उन्होंने सक्षम के शव को हल्दी लगाई, उसकी लाश के हाथों से अपनी मांग में सिंदूर भरवाया, मंगलसूत्र पहना और सात फेरे लिए।
उसने सबके सामने घोषणा की—
“मेरे पापा और भाइयों ने हमें जिंदा साथ नहीं रहने दिया, लेकिन मैंने मरने के बाद भी उसे अपना बना लिया। हमारा प्यार जीत गया, वो हार गए।”
सक्षम की माँ की आँखें भर आईं जब आंचल ने उनके पैर छुए और बोली—
“अब मैं आपके घर की बहू हूँ।”
सक्षम का परिवार आंचल को पूरी तरह अपनाने को तैयार है। गाँव वाले भी उसकी हिम्मत और प्रेम की इस अनोखी मिसाल को सलाम कर रहे हैं। आंचल ने कोर्ट से अपने पिता और भाइयों को फांसी की सजा देने की मांग की है।