उत्तर प्रदेश। योगी सरकार राज्य में “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” के विज़न को तेज़ी से धरातल पर उतार रही है। प्रदेश में धान खरीद प्रणाली को पारदर्शी, सुविधाजनक और तकनीक-आधारित बनाकर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य सरकार लगातार पूरा कर रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में धान खरीद की समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की बाधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से शुरू हुई धान खरीद प्रक्रिया को किसानों का बेहद सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से 28 नवंबर तक कुल 139,040 किसानों से 8.28 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि धान खरीद प्रणाली पहले की तुलना में अधिक तेज़, प्रभावी और किसान-हितैषी बनी है।
धान खरीद के लिए प्रदेशभर में 4225 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ किसान आसानी से अपनी उपज बेच रहे हैं। इसके साथ ही, 5.44 लाख से अधिक किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण भी कराया है। सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सुनिश्चित की जा रही है—धान का मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल (कॉमन) और 2389 रुपये प्रति क्विंटल (ग्रेड-A) तय किया गया है।
योगी सरकार का सबसे बड़ा सुधार यह है कि किसानों को उनके भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खातों में भेज दिए जाते हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और किसानों को सही कीमत मिलने लगी है। खाद्य एवं रसद विभाग लगातार खरीद केंद्रों की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि किसी स्तर पर अनियमितता न हो।
धान खरीद के दौरान तकनीक का बढ़ता उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। ई-पॉस मशीनों से बायोमीट्रिक सत्यापन, केवल पंजीकृत किसानों का धान खरीदना, वजन और गुणवत्ता की पारदर्शिता जैसे कदमों से मंडी व्यवस्था को आधुनिक और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाया गया है। इन सुधारों के कारण किसानों में सरकारी खरीद व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश—मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ संभाग में 1 अक्टूबर से धान खरीद जारी है। वहीं पूर्वी यूपी—अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी और उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ जिलों में 1 नवंबर से खरीद शुरू हुई।
राइस मिलों को भी सरकार ने राहत देते हुए समय पर धान उठान की सुविधा दी है, जिससे खरीद में देरी न हो। इस सुव्यवस्थित प्रणाली से धान उत्पादन करने वाले किसानों को स्थिर आय और बेहतर बाजार समर्थन मिल रहा है।
योगी सरकार का दावा है कि यह रिकॉर्ड खरीद किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। पारदर्शिता, समय पर भुगतान और मजबूत खरीद नेटवर्क ने राज्य में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। “समृद्ध किसान, सशक्त उत्तर प्रदेश” अब केवल नारा नहीं बल्कि धरातल पर बदलता हुआ वास्तविकता का रूप है।