उत्तर प्रदेश। जिले में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक SIR (स्पेशल इंटेलिजेंस रिव्यू) सुपरवाइज़र ने अपनी शादी से ठीक एक दिन पहले आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी और सरकारी विभाग में तैनात युवा अधिकारी के रूप में की गई है। परिवार इस सदमे से उबर नहीं पा रहा, जबकि घटना ने पूरे प्रदेश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।
शादी से पहले मौत ने उठाए कई सवाल
परिजनों के अनुसार, मृतक की अगले ही दिन शादी होने वाली थी और घर में तैयारियां जोरों पर थीं। इसी बीच उसने अचानक फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। परिवार का दावा है कि वह पिछले कई दिनों से मानसिक दबाव झेल रहा था। कार्यस्थल पर उससे अत्यधिक काम लिया जा रहा था और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न की बातें भी सामने आई हैं।
मृतक के मोबाइल फोन और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला तो बताया है, लेकिन FIR दर्ज न होने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
FIR में देरी पर विपक्ष का हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा:
“यह मामला इसलिए दर्ज नहीं हो रहा क्योंकि इसमें सरकारी अधिकारी शामिल हो सकते हैं। और जब कोई सरकारी अधिकारी होता है, तो प्रशासन उसे बीजेपी का अधिकारी मानकर बचाता है।”
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि एक युवा अधिकारी की संदिग्ध मौत के बाद भी कार्रवाई में देरी बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और कर्मचारियों का उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है।
जिला प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि प्रारंभिक जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले राजनीतिक बयानबाजी उचित नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण के बाद ही FIR सहित आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर अधिकारी मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा था और यही उसकी मौत की वजह है। यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो परिवार आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दे रहा है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। सभी लोग हैरान हैं कि शादी से ठीक पहले ऐसा कदम उठाने के पीछे आखिर क्या मजबूरी रही होगी।
यह घटना अब राजनीतिक रंग ले चुकी है और प्रदेश की सियासत में इसे लेकर गर्म बहस जारी है।