अयोध्या में आज इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज होने वाला दिन रहा। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पहली बार राम मंदिर के भव्य शिखर पर भगवा ध्वज फहराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक साथ रिमोट का बटन दबाकर धर्मध्वजा का ध्वजारोहण किया। इस अद्भुत क्षण के साथ ही पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। रामलला के समक्ष वैदिक मंत्रों की ध्वनि के बीच हुए इस आयोजन को पूरे देश और दुनिया के करोड़ों रामभक्तों ने भावविभोर होकर देखा।
रामलला के दर्शन के बाद शुरू हुआ कार्यक्रम
ध्वजारोहण से पहले पीएम नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रामलला के दर्शन किए। मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने पूजा-अर्चना की। यह दृश्य पूरे देश के लिए आस्था और गर्व का क्षण बन गया। रामलला के दर्शन के बाद ध्वजारोहण की प्रक्रिया शुरू हुई।
“ये ध्वज…संघर्ष से सृजन की गाथा है”: पीएम मोदी
ध्वजारोहण के बाद संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा:
“आज भगवान श्रीराम के गृभगृह की अनंत ऊर्जा इस धर्मध्वजा के रूप में प्रतिष्ठित हुई है। यह सिर्फ एक ध्वज नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। इसका भगवा रंग, इस पर अंकित सूर्यवंश की महिमा और ‘ॐ’ का शुभ स्वरूप—सभी रामराज्य की कीर्ति को साकार करते हैं। यह ध्वज सदियों की वेदना का अंत और नए युग का आरंभ है।”
पीएम मोदी ने कहा कि यह ध्वज हिंदू समाज की तपस्या, त्याग और एकजुटता का प्रतिरूप है। उन्होंने कहा, “यह संतों की साधना और समाज की सहभागिता का सार्थक परिणाम है।”
“यहां सबरी, निषादराज, जटायु और गिलहरी—सब हैं”: पीएम मोदी
अपने संबोधन में मोदी ने मंदिर परिसर में बने विभिन्न प्रतीक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि रामायण की हर दिव्य कथा को यहां जीवंत रूप में दर्शाया गया है।
उन्होंने कहा, “यहां सबरी का मंदिर है जो जनजातीय समाज के प्रेम का प्रतीक है। निषादराज का मंदिर अटूट मित्रता को दर्शाता है। जटायु और गिलहरी की प्रतिमाएं यह बताती हैं कि बड़े संकल्पों में छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण होते हैं।”
“अयोध्या वह भूमि है जहां आदर्श जीवन में बदलते हैं”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ मंदिर का उद्घाटन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के नए युग की शुरुआत है।
उन्होंने कहा, “सदियों के घाव भर रहे हैं और सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। आज 500 वर्षों के यज्ञ की पूर्णाहुति हुई है।”
मोहन भागवत ने कहा—“आज का दिन सार्थकता का दिन”
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा,
“जिन लोगों ने इस कार्य के लिए प्राण दिए, आज उनकी आत्मा तृप्त हो गई होगी। सदियों बाद रामराज्य का ध्वज अयोध्या में फहरता देखना हम सभी के लिए भावुक क्षण है।”
उन्होंने बताया कि धर्मध्वज पर बना “कोविदार वृक्ष” रघुकुल की सत्ता और त्याग का प्रतीक है।
“हर दिशा में रामराज्य की अनुभूति”: सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर फहराया गया यह केसरिया ध्वज धर्म, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतीक है। यह 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और आत्मगौरव का प्रतीक है। अयोध्या अब नई अयोध्या बन चुकी है, जहां हर दिन एक पर्व जैसा है।”
आज का दिन—पूरे विश्व के लिए राममय
ध्वजारोहण के इस ऐतिहासिक दिवस पर अयोध्या की धरती पर भक्ति, संस्कृति और गर्व तीनों भावों का अद्भुत संगम देखने को मिला। पीएम मोदी का संबोधन जारी है, और पूरी दुनिया की निगाहें आज अयोध्या की ओर टिकी हुई हैं।