बिहार के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा, जब एनडीए की नई सरकार के गठन के साथ नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को शपथ दिलाई, जिसके बाद सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह में सबसे पहले लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन और सुनील कुमार को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसके तुरंत बाद राज्यपाल ने विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल को एक साथ मंत्री पद की शपथ दिलाई।

समारोह के दौरान मंच पर एनडीए के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान भी मंच पर पहुंचे और शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। हालांकि वे अपनी पार्टी से तीन मंत्रियों की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिलहाल उनके कोटे से एक ही मंत्री को शपथ दिलाई गई है। बाकी मंत्रियों को बाद में शामिल किया जाएगा।
पूरे गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। एसपीजी ने सुरक्षा की कमान संभाली और मैदान में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया। जिला पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना पहुंचने के साथ ही कार्यक्रम का उत्साह और बढ़ गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर उनके स्वागत में मौजूद थे।

गृह मंत्री अमित शाह के आगमन के बाद माहौल और उत्साहित हो उठा। मंच पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी और भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने अपने गीतों से समारोह में जोश भर दिया। उन्होंने ‘हम बिहारी’ जैसे लोकप्रिय गीत गाकर वहां मौजूद लोगों में उत्साह पैदा किया। नीतीश कुमार ने भी मंच से जनता का अभिवादन स्वीकार किया और एनडीए सरकार के प्रति जनता के विश्वास के लिए धन्यवाद दिया।
नई सरकार में जिन नेताओं को मंत्री पद दिया गया है, उनमें सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, नितिन नवीन, मंगल पांडेय, रमा निषाद, श्रेयसी सिंह, रामकृपाल यादव, लेशी सिंह, श्रवण कुमार, विजेंद्र यादव, अशोक चौधरी, जमा खान समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जाएगा।

यह शपथ ग्रहण समारोह बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जहां पुरानी टीम के साथ राजनीतिक स्थिरता और विकास के नए लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।