भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के सम्भाजन के संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों के सम्भाजन, मतदाताओं के समायोजन तथा जीर्ण-शीर्ण एवं ध्वस्त भवनों में संचालित मतदेय स्थलों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अब किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं रहेंगे। ऐसे मतदेय स्थल, जहां वर्तमान में 1200 से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं, वहां अतिरिक्त मतदाताओं का उसी मतदान केंद्र के अन्य उपयुक्त मतदेय स्थलों में नियमानुसार समायोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदाताओं को सुगम एवं सुविधाजनक मतदान व्यवस्था उपलब्ध कराना तथा निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में जो मतदेय स्थल जीर्ण-शीर्ण, ध्वस्त अथवा वर्तमान में उपयोग के योग्य नहीं हैं, उनका नियमानुसार परीक्षण कराते हुए उन्हें निकटवर्ती उपयुक्त भवनों में स्थानांतरित किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही मतदाताओं के समायोजन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि मतदाताओं को मतदान के लिए अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े।
जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाताओं के समायोजन एवं मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रस्तावित कार्यवाही के उपरांत जनपद में वर्तमान 1404 मतदेय स्थलों के स्थान पर 1379 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। बैठक में प्रस्तावित सम्भाजन एवं मतदेय स्थलों के सम्भाजन की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई, जिस पर उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा भी अपनी सुझाव दिए।