Lucknow: स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 8 से 17 अक्टूबर तक संचालित गतिविधियों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बुधवार को दी।
उन्होंने बताया कि शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। इसमें प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ स्टाफ नर्स, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति और कार्यों की भी समीक्षा हो रही है।
समीक्षा के लिए 13 प्रमुख बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रतिदिन ओपीडी में देखे गए मरीजों की संख्या, ई-सुश्रुत के माध्यम से जारी किए गए प्रिस्क्रिप्शन, डिलीवरी प्वाइंट पर संस्थागत प्रसव, ई-कवच पोर्टल पर गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग, ई-संजीवनी के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन और ड्रग एंड वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (डीवीडीएमएस) पोर्टल पर दवाओं से संबंधित जानकारी की प्रविष्टि शामिल है।
इसके अलावा, ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्रों के दौरान ई-कवच पोर्टल पर रिपोर्टिंग, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान एवं रिपोर्टिंग, पिछले 15 दिनों में किए गए विशेष मीजल्स-रूबेला (एमआर) टीकाकरण, टीबी स्क्रीनिंग और नियमित टीकाकरण की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि निर्धारित बिंदुओं पर प्रतिदिन समीक्षा के बाद फीडबैक रिपोर्ट मिशन निदेशक कार्यालय और महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों को सक्षम स्तर से लिखित अनुमति प्राप्त किए बिना कार्यस्थल नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, समीक्षा बैठकों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि समीक्षा के दौरान 119 संविदाकर्मी अपने कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए। सभी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने की स्थिति में सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।