चिकित्सा के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार का ऐलान सोमवार को कर दिया गया है। इस साल ये सम्मान तीन लोगों- कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को दिया गया है। आपको बता दें कि इस पुरस्कार का ऐलान सोमवार को स्टॉकहोम के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में किया गया है। इसके साथ ही नोबल पुरस्कारों के हफ्ते की शुरुआत भी हो गई है।
किस योगदान के लिए मिला नोबल?
कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को लाइट-गेटेड आयन चैनल और ऑप्टोजेनेटिक्स पर उनकी रिसर्च के लिए चिकित्सा के नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
सामने आई जानकारी के अनुसार, इस साल नोबल पुरस्कार की राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (करीब 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रखी गई है।
इन वैज्ञानिकों की रिसर्च
इन तीनों वैज्ञानिकों ने इस बात पर रिसर्च की है कि मस्तिष्क व्यक्तिगत तंत्रिका कोशिकाओं (नर्व सेल्स) की गतिविधियों को चालू या बंद करने के लिए किन सिस्टम का उपयोग करता है। ये तीनों वैज्ञानिक जर्मनी और अमेरिका के विश्वविद्यालयों में कार्यरत हैं।
2025 में किन्हें मिला था ये सम्मान?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिकित्सा के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार को आधिकारिक तौर पर ‘फिजियोलॉजी या मेडिसिन’ का नोबल पुरस्कार कहा जाता है। यह सम्मान 1901 से दिया जा रहा है।
साल 2025 में चिकित्सा के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार निम्नलिखित तीन वैज्ञानिकों को दिया गया था:
मैरी ई. ब्रुनको
फ्रेड रामस्डेल
शिमोन साकागुची
तीनों वैज्ञानिकों को ‘पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस’ से संबंधित उनकी खोजों के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
‘पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस’ या परिधीय प्रतिरक्षा सहिष्णुता एक ऐसा तरीका है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को अनियंत्रित होने और बाहरी आक्रमणकारियों के बजाय अपने ही ऊतकों पर हमला करने से रोकने में मदद मिलती है।