प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक जा रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और युवाओं की सहभागिता पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर नागरिक का मुख्य कार्य सेवा ही होना चाहिए और उपदेश देने के बजाय अपने आचरण व कर्मों से समाज तक सेवा का संदेश पहुंचाना चाहिए।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि राजनीति में सत्ता कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, लेकिन हमारा मुख्य मार्ग हमेशा ‘सेवा’ का ही रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में व्यक्ति कितनी भी ऊंचाई हासिल कर ले, उसे ‘सेवा परमो धर्म:’ के मूल मंत्र को कभी नहीं भूलना चाहिए।
वडनगर जन्मभूमि, काशी कर्मभूमि- पीएम मोदी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडनगर और वाराणसी के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये दोनों प्राचीन शहर हजारों सालों से भारत की जीवंत संस्कृति के प्रतीक रहे हैं।
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जन्मभूमि और कर्मभूमि का संगम: पीएम मोदी ने कहा कि वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जो हाटकेश्वर महादेव के आशीर्वाद से सिंचित है, जबकि वाराणसी उनकी कर्मभूमि है, जहां बाबा विश्वनाथ का असीम आशीर्वाद है।
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यात्रा का विशेष महत्व: उन्होंने कहा कि वडनगर से काशी तक निकाली जा रही यह सेवा यात्रा न केवल दो ऐतिहासिक शहरों को जोड़ती है, बल्कि जन्मभूमि से कर्मभूमि तक जन-सेवा के संदेश को जमीन पर उतार रही है।
सेवाभाव से आगे बढ़ती हैं कल्याणकारी योजनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सरकारी या सामाजिक कार्यों के पीछे सेवाभाव होता है, तो उसका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचता है।
उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि मुफ्त अनाज योजना और आयुष्मान भारत योजना जैसी ऐतिहासिक पहल सेवाभाव की प्रेरणा से ही सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। वडनगर से वाराणसी की यात्रा पर निकले बाइक सवार युवा रास्ते में पड़ रहे गांवों, कस्बों और शहरों में रुककर स्थानीय लोगों से संवाद कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर सेवा कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।
विकसित भारत में युवाओं की बड़ी भूमिका
देश की युवाशक्ति को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव, राजनीति और शासन व्यवस्था अपनी जगह चलते रहते हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण का कार्य सर्वोपरि है। उन्होंने कहा:
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2047 का संकल्प: भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के महान संकल्प में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
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निर्माता और लाभार्थी: आज की युवा पीढ़ी ही ‘विकसित भारत’ की असली निर्माता है और भविष्य में वही इसकी सबसे बड़ी लाभार्थी भी बनेगी।
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जमीनी वास्तविकता की समझ: युवाओं के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर लोगों की समस्याओं, उनके सपनों और आकांक्षाओं को करीब से समझना बेहद जरूरी है।
सेवा यात्रा से देश को करीब से समझने का मौका
पीएम मोदी ने कहा कि यह सेवा संकल्प यात्रा युवाओं को देश की वास्तविक परिस्थितियों, विविध संस्कृतियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से सीधा जुड़ने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उनसे आह्वान किया कि वे सेवा के इस पावन भाव को जीवनभर आगे बढ़ाते रहें।