रेलवे का बड़ा कदम: 607.7 किमी रेल मार्ग पर लगेगा ‘कवच 4.0’, 252 करोड़ रुपये मंजूर

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लखनऊ: भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में 607.7 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच 4.0’ लगाने के लिए 252 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इस तकनीक के जरिए ट्रेनों के संचालन के दौरान संभावित मानवीय चूक से होने वाले हादसों को रोकने में मदद मिलेगी।

पूर्वोत्तर रेलवे में 2,101 रूट किलोमीटर पर कवच का काम

रेल मंत्रालय की योजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के कुल 2,101 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली लगाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए कुल 787.21 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत बताया गया है।

पहले चरण में 551 रूट किलोमीटर पर काम चल रहा है। इसमें डोमिनगढ़-स्वामी नारायण छपिया का 101.97 रूट किलोमीटर रेलखंड भी शामिल है। इस रेलखंड पर 31 अगस्त 2026 से कवच प्रणाली के संचालन की शुरुआत हो चुकी है। यह पूर्वोत्तर रेलवे का पहला स्टैंडर्ड कवच युक्त रेलखंड बताया जा रहा है।

लाल सिग्नल पार करने पर सिस्टम लगाएगा ब्रेक

कवच एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसका उद्देश्य ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा बढ़ाना है। यदि ट्रेन का लोको पायलट लाल सिग्नल पार कर जाता है या निर्धारित सुरक्षा सीमा के भीतर ट्रेन को रोकना जरूरी हो, तो सिस्टम हस्तक्षेप कर ब्रेक लगाने में मदद कर सकता है।

इसी तरह दो ट्रेनों के बीच संभावित टक्कर की स्थिति में भी कवच सुरक्षा तंत्र के तौर पर काम करता है। घने कोहरे और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में भी यह प्रणाली ट्रेन संचालन में सुरक्षा बढ़ाने के लिए उपयोगी हो सकती है।

इन रेलखंडों पर भी लगाया जाएगा कवच

पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों को कवच परियोजना में शामिल किया गया है।

लखनऊ मंडल में लखनऊ जंक्शन-मानक नगर, लखनऊ जंक्शन-मल्हौर, बाराबंकी-बुढ़वल, सीतापुर सिटी-बुढ़वल और बुढ़वल-गोरखपुर कैंट जैसे रेलखंड शामिल हैं।

वाराणसी मंडल में गोरखपुर कैंट-गोल्डिनगंज, भटनी-वाराणसी, वाराणसी-प्रयागराज और औंड़िहार-छपरा रेलखंड पर कवच लगाने की योजना है।

इज्जतनगर मंडल में रावतपुर-फर्रूखाबाद, कासगंज-मथुरा, कासगंज-इज्जतनगर, इज्जतनगर-काठगोदाम, पीलीभीत-शाहजहांपुर और लालकुआं-काशीपुर मार्ग शामिल हैं।

स्वदेशी तकनीक पर आधारित है कवच

‘कवच’ भारत में विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। इसके संचालन में ऑप्टिकल फाइबर केबल, टेलीकॉम टावर, स्टेशन डेटा सेंटर, ट्रैक साइड इक्विपमेंट और लोकोमोटिव में लगे ऑनबोर्ड सिस्टम जैसे प्रमुख घटक शामिल होते हैं।

कवच 4.0 के विस्तार से रेलवे नेटवर्क पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ट्रेन संचालन में तकनीक की भूमिका बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी सुरक्षा प्रणाली की तरह इसका प्रभाव इसके सही क्रियान्वयन, रखरखाव और परिचालन प्रक्रियाओं पर भी निर्भर करेगा।

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