शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की बेटी खुशी चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश और जिले का नाम रोशन किया है। जैतीपुर क्षेत्र के अगरोली गांव की रहने वाली खुशी ने तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में ईरान की पहलवान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
खुशी की इस कामयाबी की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव अगरोली पहुंची, वहां जश्न का माहौल बन गया। परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण खुशी के घर पहुंचकर उनके माता-पिता को बधाई देने लगे। बेटी की अंतरराष्ट्रीय सफलता से उनके पिता और पूर्व पहलवान रामफल चौधरी बेहद खुश हैं। उन्होंने गांव में मिठाई बांटकर बेटी की जीत का जश्न मनाया।
पिता भी रह चुके हैं पहलवान
खुशी चौधरी के पिता रामफल चौधरी मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले की सफीदों तहसील के असरफाबाद गांव के रहने वाले हैं। वह अपने समय में कुश्ती किया करते थे और वर्ष 1988 में अपने गांव के सरपंच भी रहे। साल 1998 में उन्होंने शाहजहांपुर के अगरोली गांव में जमीन खरीदी और परिवार के साथ यहीं बस गए।
पहलवानी से दूर होने के बाद भी रामफल का खेल के प्रति लगाव बना रहा। उन्होंने अपनी सबसे छोटी बेटी खुशी को कुश्ती के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का फैसला किया। पिता के इसी सपने को खुशी ने मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
फोगाट बहनों से सीखे कुश्ती के गुर
11 भाई-बहनों में सबसे छोटी खुशी को बचपन से ही खेलों में खास रुचि थी। बेटी की प्रतिभा को पहचानते हुए पिता ने वर्ष 2018 में उसे हरियाणा के भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) सेंटर भेजा। यहां खुशी को देश की चर्चित पहलवानों गीता फोगाट और बबीता फोगाट से कुश्ती की बारीकियां सीखने का अवसर मिला।
पिछले करीब तीन वर्षों से खुशी कोच राजेश की देखरेख में नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। कठिन अभ्यास और लगातार बेहतर प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
नेशनल चैंपियनशिप में भी जीता था गोल्ड
तुर्की में गोल्ड जीतने से पहले खुशी ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। 24 अगस्त को हरिद्वार में आयोजित नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप के 64 किलोग्राम भार वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद खुशी का चयन तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में हुआ। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने अपनी मेहनत को बड़ी उपलब्धि में बदल दिया है।
खुशी की इस सफलता से न केवल उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है, बल्कि शाहजहांपुर के खेल प्रेमियों में भी उत्साह है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि खुशी आने वाले समय में भी देश के लिए कई और पदक जीतेंगी।