कानपुर के नौबस्ता थाने से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ महिला उत्पीड़न की शिकायत पर पूछताछ के लिए बुलाए गए एक युवक ने थाने के बाथरूम में जाकर टॉयलेट क्लीनर पी लिया। इस घटना के बाद थाने में हड़कंप मच गया और पुलिस प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। आइए जानते हैं कि आखिर उस रात थाने के अंदर ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से दो पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी।
कानपुर नौबस्ता थाना कांड
नौबस्ता क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के ससुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सरसौल के महोली गाँव का रहने वाला आशीष द्विवेदी अलग-अलग नंबरों से फोन करके महिला को परेशान कर रहा था। जब परिवार वालों ने इसका विरोध किया, तो उसने जान से मारने की धमकी दी। इसी मामले की छानबीन करने के लिए पुलिस ने आशीष को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
दिन में बुलाए जाने के बावजूद आशीष मंगलवार रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे अपने एक दोस्त के साथ थाने पहुँचा। पुलिस के अनुसार दोनों पूरी तरह नशे में धुत थे और आते ही पुलिसकर्मियों से बहस करने लगे। पुलिस ने जब उन्हें वापस जाने को कहा तो वे पूछताछ कराने की जिद पर अड़ गए। इसी बीच आशीष ने थाने के अंदर अपना सिर दीवार पर पटकना शुरू कर दिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
पुलिसकर्मी दोनों का मेडिकल कराने की तैयारी कर रहे थे कि तभी आशीष ने बाथरूम जाने की बात कही। एक सिपाही उसे बाथरूम ले गया, जहाँ उसने सफाई के लिए रखा टॉयलेट क्लीनर उठाकर पी लिया। हालांकि पुलिस का दावा है कि उसे पीते ही बोतल छीन ली गई थी, लेकिन फिर भी उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उसे कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल के आईसीयू में रेफर कर दिया।
इस घटना में थाने की सुरक्षा और निगरानी में साफ तौर पर लापरवाही पाई गई। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए नाइट अफसर दरोगा विकास गौड़ और हेड कांस्टेबल अरविंद को तुरंत निलंबित कर दिया।
कानपुर के इस वाकये ने थाने के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण जांच जारी है, लेकिन पुलिस कस्टडी में इस तरह की घटना होना प्रशासनिक चौकसी पर गंभीर दाग लगाता है। फिलहाल युवक का इलाज आईसीयू में चल रहा है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।