इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि वित्त वर्ष 2025‑26 (AY 2026‑27) के लिए अब तक 4 करोड़ से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल हो चुके हैं। फिर भी, बहुत से टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल करने में देरी कर रहे हैं।
ITR‑1 (सहज) और ITR‑2 फॉर्म की आखिरी तारीख 31 जुलाई है — विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि अंतिम दिन तक इंतजार न करें ताकि तकनीकी दिक्कतों और सर्वर लोड की वजह से परेशानी न हो।
कौन किस फॉर्म में फाइल करें?
ITR‑1 (सहज): वे करदाता जिनकी सालाना आय अधिकतम ₹50 लाख है, सैलरी/नौकरी की आमदनी है, एक हाउस प्रॉपर्टी है और कृषि आय सालाना ₹5,000 तक है।
ITR‑2: वे करदाता और HUF जिनकी आय व्यवसाय/प्रोफ़ेशन से नहीं है, परन्तु कैपिटल गेन्स या अन्य स्रोतों से आय है।
कहां की जिज्ञासा थी — आंकड़े और ट्रेंड
10 जुलाई तक 1.7 करोड़ ITR दाखिल थे; 10 जुलाई को ही 10 लाख से ज़्यादा रिटर्न फाइल किए गए थे।
अब कुल फाइलिंग 4 करोड़ पार पहुंच चुकी है, पर अंतिम तारीख से पहले भी काफी लोग फाइल करना बाकी हैं।
विभाग का संदेश: भीड़ और तकनीकी कारणों से परेशान न हों — समय रहते फाइल करें।
क्यों तुरंत फाइल करें?
विलंब शुल्क और पेनल्टी से बचने के लिए।
रिफंड होने पर भुगतान की देरी न हो।
अंतिम दिनों में वेबसाइट पर लोड बढ़ने से प्रोसेसिंग में दिक्कत हो सकती है।
दस्तावेज़ों की जाँच और सुधार/रक्त्त्रियों (rectifications) का समय मिल सके।
फाइल करने से पहले चेक‑लिस्ट
PAN और आधार लिंकिंग की स्थिति।
बैंक अकाउंट और IFSC सही दर्ज हों (रिफंड के लिए)।
Form 16, TDS स्लिप्स, बैंक स्टेटमेंट, निवेश प्रमाण-पत्र (80C/80D), और कैपिटल गेन्स दस्तावेज़ तैयार रखें।
पिछले साल के ITR का संदर्भ रखें (यदि कोई रिफंड/असंतोषिता रही हो)।
ITR किस कैटेगरी में भरना है, यह पहले तय कर लें (ITR‑1/2/3 आदि)।
सरकारी अपील और अधिकारियों का निर्देश
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स से समय पर फाइलिंग का अनुरोध किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अधिकारियों से कहा है कि नागरिकों को नियमों के भीतर संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से सुविधा दी जाए ताकि लोग ‘दर‑दर’ भटकने पर मजबूर न हों।
क्या करें अगर आप फाइल नहीं कर पाए 31 जुलाई तक?
यदि योग्यता हो तो समय पर रिस्क लें; लेट फाइलिंग पर पेनल्टी वसूली जा सकती है।
किसी कारणवश फाइल न कर पाए हों तो सलाह‑मशवरा लें; Chartered Accountant या टैक्स कंसल्टेंट से संपर्क करें।
आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य सुरक्षित रखें ताकि kés में rectification/appeal संभव हो सके।