अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर चीन और रूस को सख्त संदेश दिया है और कहा है कि अगर वे ईरान की मदद करते हैं तो “बहुत बुरा होगा।” उन्होंने NATO देशों को भी निशाने पर लिया और यूरोप को अमेरिका का “पिग्गी बैंक” मानने से इनकार किया।
ईरान को हथियार न देने का दावा
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि उन्हें भरोसा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे ईरान को हथियार नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चीन या रूस इस संघर्ष में सैन्य मदद करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
NATO और यूरोप पर हमला
ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया और जवाबी कदमों की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका यूरोप के लिए “पिग्गी बैंक” नहीं है और नाटो देशों को भी अपनी जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए।
क्या है राजनीतिक संदेश
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ईरान को लेकर पश्चिमी देशों, रूस और चीन के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। उनका संदेश सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यूरोप और NATO के प्रति उनकी कड़ी नाराजगी भी साफ दिखती है।