पद्म भूषण से सम्मानित हुईं अलका याग्निक, बीमारी के बावजूद मंच पर पहुंचकर जीता सभी का दिल

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नई दिल्ली। भारतीय फिल्म संगीत जगत की मशहूर पार्श्व गायिका Alka Yagnik को वर्ष 2026 के पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य नागरिक सम्मान समारोह में भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह अवसर न केवल उनके शानदार संगीत करियर का सम्मान था, बल्कि उनके संघर्ष और जज्बे का भी प्रतीक बन गया।

समारोह के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने उपस्थित लोगों और उनके प्रशंसकों का दिल छू लिया। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से जूझ रहीं अलका याग्निक को मंच तक पहुंचने में सहारे की आवश्यकता पड़ी। एक महिला सहकर्मी ने उन्हें मंच तक पहुंचने में मदद की, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति से सम्मान ग्रहण किया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने उनके साहस तथा समर्पण की सराहना की।

अलका याग्निक पिछले कुछ समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से बताया था कि एक गंभीर वायरल संक्रमण के बाद उन्हें सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस (श्रवण क्षमता प्रभावित होने की समस्या) का सामना करना पड़ा। इस बीमारी के कारण उन्होंने रिकॉर्डिंग और लाइव प्रस्तुतियों से दूरी बना ली थी और अपना पूरा ध्यान इलाज तथा स्वास्थ्य सुधार पर केंद्रित किया।

चार दशकों से अधिक लंबे करियर में अलका याग्निक ने भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत दिए हैं। 1990 और 2000 के दशक में उनकी आवाज़ बॉलीवुड संगीत की पहचान बन गई थी। उन्होंने अनेक सुपरहिट फिल्मों के गीतों को अपनी मधुर आवाज़ से सजाया और करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।

उनके गाए गीतों ने कई फिल्मों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने करियर में उन्होंने हजारों गीत रिकॉर्ड किए और अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए। उनकी गायकी की लोकप्रियता आज भी बरकरार है और नई पीढ़ी के श्रोता भी उनके गीतों को पसंद करते हैं।

पद्म भूषण सम्मान उनके लंबे, सफल और प्रेरणादायक संगीत सफर को मिली राष्ट्रीय मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मान न केवल उनकी कला को सलाम है, बल्कि उस समर्पण और संघर्ष को भी सम्मानित करता है, जिसके बल पर उन्होंने भारतीय संगीत जगत में अपनी अमिट पहचान बनाई।

बीमारी के बावजूद राष्ट्रपति भवन में उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि सच्चे कलाकार परिस्थितियों से नहीं, बल्कि अपने जुनून और योगदान से पहचाने जाते हैं। अलका याग्निक का यह सम्मान संगीत प्रेमियों के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण बन गया है।

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