वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को निशाने पर लेते हुए दोनों देशों के संबंधों को लेकर तीखी टिप्पणी की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका ने दशकों तक इटली की सुरक्षा और रक्षा पर भारी खर्च किया, लेकिन महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के समय इटली ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया।
ट्रंप ने विशेष रूप से ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरों और परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि नाटो सहयोगियों से अधिक समर्थन की उम्मीद थी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए ट्रिलियनों डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन संकट की घड़ी में कुछ देशों का रवैया निराशाजनक रहा है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप और मेलोनी के बीच पहले से ही सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर तनाव बना हुआ है। इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने मेलोनी के साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए कई बार अनुरोध किया था। हालांकि इटली की ओर से इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया गया था।
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा था कि इटली किसी के सामने मिन्नतें नहीं करता और अपनी विदेश नीति स्वतंत्र रूप से तय करता है। वहीं इटली के विदेश मंत्री एंतोनियो ताजानी ने भी ट्रंप की टिप्पणियों को गंभीर और अपमानजनक करार दिया था। विरोध स्वरूप उन्होंने अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा भी रद्द कर दी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक आरोप नाटो सहयोगियों के बीच विश्वास और समन्वय पर असर डाल सकते हैं। ईरान से जुड़े सुरक्षा मुद्दों को लेकर विभिन्न देशों के दृष्टिकोण में अंतर पहले भी सामने आता रहा है, लेकिन इस बार विवाद खुलकर सार्वजनिक मंच पर दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और इटली दोनों लंबे समय से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी का असर द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल ट्रंप के ताजा आरोपों पर इटली सरकार की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की कूटनीतिक प्रतिक्रियाओं पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।