लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र और कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद प्रशासन ने मृतकों की पहचान कर उनके नाम जारी कर दिए हैं। वहीं घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, कोचिंग सेंटर एक व्यावसायिक भवन की ऊपरी मंजिल पर संचालित हो रहा था। आग लगने के बाद भवन में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक के बाद मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस जांच दल में अपर मुख्य सचिव पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति विभाग अमृत अभिजात तथा अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने एसआईटी को सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। वहीं घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने हादसा स्थल का निरीक्षण करने के साथ किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और सभी घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। इस घटना के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है।