पिछले 60 दिनों में हार्ट अटैक के मामलों में लगभग 30% की बढ़ोतरी चिंता बढ़ा रही है। गर्मी और उमस के कारण थर्मल स्ट्रेस, इलेक्ट्रोलाइट की कमी और निर्जलीकरण के चलते दिल पर दबाव बढ़ता है। खासकर जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ या हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याएँ हैं, उन पर इसका असर ज़्यादा होता है। योगगुरु स्वामी रामदेव की सुझाई हुई कुछ आदतें और उपाय दिल को मजबूत रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानें सरल और असरदार टिप्स।
क्यों बढ़े मामले — वजहें संक्षेप में
गर्मी‑उमस से पसीना बढ़ना, निर्जलीकरण और इलेक्ट्रोलाइट कमी।
तनाव, नींद की कमी और अनियमित जीवनशैली।
स्मोकिंग, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज़ जैसे जोखिम‑कारक।
पहले से मौजूद कार्डियक कंडीशन्स (हार्ट ब्लॉकेज, हाई बीपी) पर बढ़ा असर।
बाबा रामदेव से आसान और असरदार उपाय
रोज़ाना योग और प्राणायाम: अनुलोम विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम तनाव घटाते हैं, दिल की धड़कन नियंत्रित करते हैं और ऑक्सीजन सप्लाई में सुधार करते हैं।
नियमित एरोबिक एक्सरसाइज़: तेज़ चलना, जॉगिंग, साइकलिंग या ज़ुंबा—कम से कम 30 मिनट रोज़ाना। यह कार्डियो‑फिटनेस बढ़ाता है और दिल की उम्र घटाने में मदद करता है।
हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स: गर्मियों में खूब पानी पिएं; पसीने से खोए इलेक्ट्रोलाइट भरने के लिए सीमित मात्रा में नमक और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक़ लें (डाक्टर सलाह के अनुसार)।
संतुलित, पौष्टिक आहार: ताज़ी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज और प्लांट‑बेस्ड प्रोटीन बढ़ाएँ; जंक फूड, ट्रांस‑फैट और ज्यादा तली हुई चीज़ों से बचें।
नमक और शक्कर का नियंत्रण: हाई बीपी और डायबिटीज़ में नियंत्रण के लिए नमक व शुगर की मात्रा कम करें।
वजन और कोलेस्ट्रॉल पर निगरानी: हेल्दी वजन बनाए रखें; नियमित चेक‑अप से LDL/HDL और ट्राइग्लिसराइड्स पर ध्यान दें।
तनाव प्रबंधन: ध्यान, योग और गहरी साँसों से एंग्जायटी घटती है; सामाजिक समर्थन और पर्याप्त नींद (6–8 घंटे) जरूरी है।
स्मोकिंग और शराब से दूर रहें: ये जोखिम को तेज़ी से बढ़ाते हैं; छोड़ने पर लाभ शीघ्र मिलता है।
नियमित मेडिकल चेक‑अप: हार्ट‑रिस्क वाले लोगों को ब्लड‑प्रेशर, ब्लड‑शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियमित मापवाना चाहिए। डॉक्टर से दवा और सलाह समय पर लें।
फौरन ध्यान देने योग्य लक्षण
सीने में तेज दर्द या भारीपन, सांस फूलना, तेज पसीना, मतली या हाथ‑काँपना—ऐसे संकेत मिलने पर तुरंत नज़दीकी अस्पताल या इमरजेंसी हेल्पलाइन से संपर्क करें। तेज़ कार्रवाई भी जान बचा सकती है।
किसे ज़्यादा सचेत रहना चाहिए
40 साल से ऊपर के लोग, हाई बीपी/डायबिटीज/कोलेस्ट्रॉल के मरीज़, पहले से हार्ट डिसीज वाले और जो लंबे समय से स्मोक करते हैं या मोटापे से जूझ रहे हैं।