लखनऊ में नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ जनता और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा ने किया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और नगर निगम का घेराव किया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर रोष व्यक्त किया गया।
ज्ञापन में जिन प्रमुख समस्याओं को उठाया गया, उनमें खराब सड़कें, पानी की किल्लत, सफाई व्यवस्था की बदहाली, नालों की सफाई न होना और बढ़ते कर शामिल हैं। लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि नगर निगम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्स तो लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन सुविधाओं में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
उन्होंने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई जनता के अधिकारों के लिए है और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भी एक स्वर में कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।
यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि शहर में बुनियादी सुविधाओं को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और अगर समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।