कानपुर में शिक्षा के नाम पर हो रही साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो MBBS सीट दिलाने के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये ठग रहा था। इस मामले में पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सौरव और जयंत बेहद शातिर तरीके से अपने जाल में छात्रों को फंसाते थे। वे खुद को मेडिकल एडमिशन काउंसलर या एजेंट बताकर छात्रों को भरोसा दिलाते थे कि वे उन्हें MBBS में डायरेक्ट एडमिशन दिला सकते हैं। इसके लिए वे छात्रों से बड़ी रकम एडवांस में मांगते थे।
एक पीड़ित छात्र ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपियों को 5 लाख 75 हजार रुपये दिए थे। उसे विश्वास दिलाया गया था कि कुछ ही दिनों में उसे मेडिकल कॉलेज में सीट मिल जाएगी। लेकिन जब काफी समय बीत गया और कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो छात्र को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। साइबर सेल और सर्विलांस टीम की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई और एक विशेष टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया। वहां से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कानपुर लाया गया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और संभव है कि कई अन्य छात्र भी इसके शिकार हुए हों। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इस घटना के बाद पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह के एडमिशन के लिए केवल सरकारी पोर्टल और अधिकृत संस्थानों पर ही भरोसा करें। किसी भी अनजान व्यक्ति या एजेंट को पैसे देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि साइबर अपराधी शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र को भी नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सही जानकारी ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे कारगर उपाय है।