उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन शुल्क को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य के बिजली नियामक प्राधिकरण Uttar Pradesh Electricity Regulatory Commission ने आदेश दिया है कि जिन उपभोक्ताओं से अधिक शुल्क लिया गया है, उन्हें यह पैसा वापस किया जाए।
यह मामला राजधानी Lucknow से सामने आया, जहां उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि बिजली कनेक्शन लेते समय उनसे तय दर से कहीं ज्यादा पैसा लिया गया। जांच में पता चला कि कई जगहों पर कास्ट डाटा बुक में तय शुल्क का पालन नहीं किया गया।
आयोग के अनुसार, मध्यांचल क्षेत्र में करीब एक लाख उपभोक्ताओं से अतिरिक्त रकम ली गई थी। कुल मिलाकर यह राशि करीब 40 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया है कि इस रकम को उपभोक्ताओं के आने वाले बिजली बिलों में समायोजित किया जाए।
कास्ट डाटा बुक वह दस्तावेज होता है जिसमें बिजली विभाग द्वारा लिए जाने वाले विभिन्न शुल्कों की अधिकतम सीमा तय की जाती है। इसमें कनेक्शन शुल्क, मीटर शुल्क और अन्य तकनीकी मदों का विवरण होता है। बिजली विभाग इससे अधिक शुल्क नहीं ले सकता।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।