सोमवार सुबह दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में उस समय हलचल मच गई जब लोगों ने हल्के भूकंप के झटके महसूस किए। भूकंप का केंद्र हरियाणा के Rewari में बताया गया है और इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर थी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 दर्ज की गई, जिसे हल्के स्तर का भूकंप माना जाता है।
भूकंप का असर कुछ ही सेकंड तक रहा और किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई। इसके बावजूद कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके समय-समय पर महसूस किए जाते हैं क्योंकि यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है।
दरअसल पृथ्वी के भीतर सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स मौजूद हैं। ये प्लेट्स लगातार अपनी जगह बदलती रहती हैं। जब दो प्लेट्स के बीच टकराव या दबाव ज्यादा बढ़ जाता है तो अचानक ऊर्जा निकलती है, जिससे धरती हिलने लगती है और भूकंप महसूस होता है।
भारत को वैज्ञानिकों ने चार भूकंपीय जोनों में बांटा है। इनमें जोन-5 को सबसे अधिक खतरनाक माना जाता है जबकि जोन-2 अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला क्षेत्र है। राजधानी New Delhi जोन-4 में आती है, जहां बड़े भूकंप की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
हालांकि इस बार आया भूकंप बहुत हल्का था, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के समय सावधानी बरतना और सुरक्षा नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।