हर बजट आम नागरिकों के लिए नई उम्मीदें लेकर आता है, लेकिन सीनियर सिटीजन्स के लिए बजट 2026 खास साबित हो सकता है। लंबे समय से बंद पड़ी सीनियर सिटीजन रेल कंसेशन के दोबारा शुरू होने की संभावनाएं अब मजबूत होती नजर आ रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह बुजुर्ग यात्रियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होगा।
भारतीय रेलवे द्वारा दी जाने वाली सीनियर सिटीजन छूट सिर्फ आर्थिक राहत नहीं थी, बल्कि बुजुर्गों की स्वतंत्र और सम्मानजनक यात्रा का एक जरिया भी थी। कई सीनियर सिटीजन्स इलाज, पारिवारिक कारणों या धार्मिक यात्राओं के लिए रेल पर निर्भर रहते हैं। टिकट में मिलने वाली रियायत उनके लिए यात्रा को सस्ता और सुलभ बनाती थी।
मार्च 2020 में कोरोना महामारी के दौरान रेलवे सेवाएं ठप पड़ गई थीं। यात्रियों की संख्या ऐतिहासिक रूप से गिर गई और रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसी वजह से सीनियर सिटीजन कंसेशन समेत कई सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। हालांकि महामारी के बाद ट्रेनें पूरी क्षमता के साथ चलने लगीं, लेकिन यह छूट अब तक बहाल नहीं हो सकी।
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अब बजट 2026 से पहले सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। सामाजिक संगठनों और वरिष्ठ नागरिक मंचों ने कई बार इस सुविधा को फिर से शुरू करने की मांग की है। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई के बीच बुजुर्गों के लिए यात्रा खर्च उठाना आसान नहीं रह गया है।
यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो पहले जैसी व्यवस्था लागू हो सकती है, जिसमें पुरुषों को 40 प्रतिशत और महिलाओं को 50 प्रतिशत तक टिकट में छूट मिलेगी। इससे न सिर्फ सीनियर सिटीजन्स को राहत मिलेगी, बल्कि रेलवे यात्रियों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 सीनियर सिटीजन्स के लिए राहत भरा संदेश लेकर आ सकता है। अब सभी की नजरें बजट घोषणाओं पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि सरकार बुजुर्ग यात्रियों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है या नहीं।