- क्या अमेरिका-वेनेजुएला टकराव अब खुले संघर्ष की ओर?
शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी कराकस में हुए जोरदार धमाकों ने पूरे लैटिन अमेरिका में हलचल मचा दी है। आधी रात के बाद शहर में एक के बाद एक विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जबकि आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते विमान देखे गए। इस अचानक हुई घटना ने लोगों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया और राजधानी में भय का माहौल बन गया।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर की गई। हालांकि, अब तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि धमाके किसी सीमित सैन्य हमले का हिस्सा थे या रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश।
इमरजेंसी और सड़कों पर सेना
धमाकों के तुरंत बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में आपातकाल लागू कर दिया। राजधानी में सेना, टैंक और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई है। कई मोहल्लों में लोग एक-दूसरे से जानकारी जुटाने के लिए सड़कों पर जमा हो गए। दूर-दराज इलाकों से भी तेज रोशनी और हलचल की खबरें आईं।
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अमेरिका-वेनेजुएला टकराव की पृष्ठभूमि
वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव कोई नया नहीं है। अमेरिका लंबे समय से मादुरो सरकार पर नशे के कारोबार, मानवाधिकार उल्लंघन और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगाता रहा है। दूसरी ओर, वेनेजुएला का दावा है कि अमेरिका उसकी सरकार गिराकर देश के तेल भंडार और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है।
हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला से जुड़े तेल टैंकरों को जब्त करने और कथित ड्रग-लॉन्च ठिकानों पर हमले ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। ट्रंप प्रशासन लगातार मादुरो सरकार पर दबाव बढ़ाने की नीति अपना रहा है।
बड़ा सवाल: आगे क्या?
कराकस में हुए धमाकों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह घटना एक सीमित चेतावनी थी या फिर किसी बड़े सैन्य टकराव की शुरुआत। अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजधानी में फैला डर यह साफ संकेत देता है कि हालात बेहद संवेदनशील हैं।