शनिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून ‘विकासशील भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी एक्ट के खिलाफ व्यापक विरोध की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया कि इस कानून के विरोध में देशभर में आंदोलन और प्रदर्शन किए जाएंगे। बैठक से पहले कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना लाखों ग्रामीण मजदूरों के भविष्य के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार रोजगार गारंटी जैसी अहम योजना को कमजोर कर रही है, जिसका कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी। गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार ने अपने लिए एक “खतरनाक लक्ष्य” तय किया है और कांग्रेस इसे सफल नहीं होने देगी।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी मौजूद रहे। इसके अलावा सांसद शशि थरूर, वरिष्ठ नेता और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान मौजूदा राजनीतिक हालात, केंद्र सरकार के खिलाफ एक्शन प्लान और संगठन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी मंथन किया गया। असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में प्रस्तावित चुनावों को देखते हुए पार्टी ने रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। कांग्रेस शासित राज्यों तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। बैठक के दौरान गौरव गोगोई ने असम सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में आए दिन घोटालों से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि असम सरकार इन सवालों के जवाब देने में असफल रही है।
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बैठक की शुरुआत में कांग्रेस नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। कुल मिलाकर, यह बैठक आने वाले राजनीतिक संघर्षों और चुनावी तैयारियों की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।