भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के लिए अंडर-19 एशिया कप का फाइनल निराशाजनक रहा, लेकिन अब उनके सामने खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में बल्ला नहीं चलने के बाद वैभव को आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताते हुए विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार टीम का उपकप्तान बनाया है।
भारत की अंडर-19 टीम को एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 191 रनों से हार झेलनी पड़ी थी। इस मैच में वैभव सूर्यवंशी 26 रन बनाकर आउट हो गए थे और बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। इसके बावजूद पूरे टूर्नामेंट में उनके आंकड़े प्रभावित करने वाले रहे। उन्होंने 5 मैचों में 261 रन बनाए और उनका औसत 52 से ज्यादा रहा।
अब वैभव सूर्यवंशी सीनियर घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित करने उतरेंगे। वह विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की टीम के लिए खेलेंगे, जहां टीम का पहला मुकाबला 24 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ होगा। यह टूर्नामेंट वैभव के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि यहां वह पहली बार किसी सीनियर टीम में उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। बिहार की टीम प्लेट ग्रुप में शामिल है और उसका शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। 26 दिसंबर को मणिपुर, 29 दिसंबर को मेघालय, 31 दिसंबर को नागालैंड और 3 जनवरी को मिजोरम के खिलाफ मुकाबले खेले जाएंगे। इन सभी मैचों में वैभव की बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता की परीक्षा होगी।
एशिया कप में यूएई के खिलाफ 171 रनों की विस्फोटक पारी ने वैभव की प्रतिभा का सबूत दिया था। हालांकि मजबूत टीमों के खिलाफ वह उस लय को बरकरार नहीं रख सके। विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन से वह यह दिखाना चाहेंगे कि फाइनल की नाकामी सिर्फ एक खराब दिन थी, न कि उनकी क्षमता की कमी। युवा उम्र में उपकप्तानी मिलना यह संकेत देता है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य के लीडर के रूप में देख रहा है। अगर वैभव इस टूर्नामेंट में लगातार रन बनाते हैं, तो वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी जगह पक्की कर सकते हैं।