भवाली (नैनीताल)। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर में गुरुवार को सुबह-सुबह जोरदार धमाकों की आवाज गूंजी। तीन जगहों पर एक साथ बम फटे, चीख-पुकार मच गई। लेकिन घबराएं नहीं – यह नैनीताल पुलिस की सबसे बड़ी मॉकड्रिल थी, जिसका मकसद मंदिर में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का परीक्षण था।
ड्रिल की थीम थी – “बम विस्फोट के बाद त्वरित जवाबी कार्रवाई, राहत और बचाव”। जैसे ही कंट्रोल रूम को सूचना मिली, पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र चंद्रा ने हाई अलर्ट जारी किया। अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी भवाली दीपशिखा अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर कमान संभाली। पूरे परिसर को तुरंत सील कर सशस्त्र बलों ने घेराबंदी कर दी।
आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने ऑपरेशन शुरू किया। मॉक सिनेरियो में छिपे 5 आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई – 2 को मार गिराया गया, 3 को जिंदा पकड़ा गया और पूछताछ के लिए थाने भेजा गया। विस्फोट में 1 नागरिक की ‘मौत’ और 3 के ‘घायल’ होने का सिनेरियो बनाया गया। SDRF और मेडिकल टीम ने तुरंत घायलों को स्ट्रेचर पर अस्पताल भेजा और ‘मृतक’ को पोस्टमार्टम के लिए शिफ्ट किया। बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) ने परिसर को सुरक्षित घोषित किया। मोबाइल फोरेंसिक यूनिट ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वॉड ने विस्फोटक की तलाशी ली।
इस ड्रिल में स्थानीय पुलिस, PAC, SDRF, ATS, BDS, डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक टीम, मेडिकल यूनिट, मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर हिस्सा लिया। SP डॉ. चंद्रा ने कहा, “कैंची धाम में साल भर लाखों श्रद्धालु आते हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए हम 100% तैयार हैं। आज की ड्रिल से कमियों को दूर कर और मजबूती मिली है।” क्षेत्राधिकारी दीपशिखा अग्रवाल ने बताया कि ड्रिल में सिर्फ 18 मिनट में पूरी स्थिति कंट्रोल में लाई गई।
मंदिर ट्रस्टी और स्थानीय लोगों ने पुलिस की तैयारियों की तारीफ की। कैंची धाम में नीब करौरी बाबा के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। जून के मेले में 10-15 लाख लोग पहुंचते हैं। इस ड्रिल से सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने का भरोसा मिला है।