जहरीले कफ सीरप रैकेट: बर्खास्त सिपाही को सरेंडर से पहले UP STF ने दबोचा

अपराध उत्तर प्रदेश लखनऊ न्यूज़

लखनऊ। देश के कई राज्यों में करोड़ों रुपये का जहरीला कफ सीरप सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के बाद अब इस गोरखधंधे का एक और बड़ा नाम पकड़ा गया है। मंगलवार को यूपी एसटीएफ ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को लखनऊ की विशेष अदालत में सरेंडर करने से ठीक पहले धर दबोचा। आलोक इस रैकेट का अहम सदस्य था और दुबई भागे शुभम जायसवाल का करीबी था।

शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद आलोक लगातार फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने उसे कोर्ट परिसर से ही हिरासत में ले लिया। पुलिस अब उसकी कस्टडी रिमांड लेगी ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें।

https://sindhutimes.in/?p=21179

यह गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल बॉर्डर होते हुए बांग्लादेश तक जहरीला कोडीन युक्त कफ सीरप सप्लाई करता था। करोड़ों की इस तस्करी में फर्जी कंपनियां, बैंक ट्रांजेक्शन और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल होता था। ईडी ने भी अब इस मामले में दस्तक दे दी है और सारी फाइलें तलब कर ली हैं।

कौन है बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह?

2006 में आशियाना सोना लूटकांड और बाद में व्यापारी से 5 लाख की लूट में नाम आने के बाद दो बार बर्खास्त हुआ यह दागी सिपाही एक पूर्व सांसद का करीबी बनकर फिर सक्रिय हो गया। यही आलोक आज शुभम जायसवाल के साथ मिलकर जहरीले कफ सीरप का साम्राज्य चला रहा था। उसके पास लखनऊ-कानपुर में कई प्रॉपर्टी और लग्जरी गाड़ियां हैं, जिनकी जांच शुरू हो गई है।पुलिस का दावा है कि अब जल्द ही शुभम जायसवाल, अमित टाटा, विशाल समेत बाकी फरार आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *