संविधान दिवस के अवसर पर देशभर में जहां लोग भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान निर्माताओं को याद कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और आरएसएस मिलकर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं और संविधान के मूल ढांचे पर आघात पहुंचा रहे हैं। कांग्रेस ने इस दिन को ‘संविधान बचाओ दिवस’ के रूप में मनाने का भी ऐलान किया।
कांग्रेस का कहना है कि संविधान निर्माण में आरएसएस का कोई योगदान नहीं था। पार्टी का आरोप है कि आरएसएस ने ऐतिहासिक रूप से संविधान का विरोध किया है और उसे कमजोर करने की कोशिश की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आज भी वही विचारधारा सक्रिय रूप से संविधान के मूल सिद्धांतों को चुनौती दे रही है। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सुनियोजित तरीके से इन नीतियों को आगे बढ़ा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स (पुराना ट्विटर) पर संविधान दिवस के मौके पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा, “आज संविधान दिवस पर हम बाबासाहेब आंबेडकर और संविधान सभा के सभी महान नेताओं को नमन करते हैं। आज सबसे बड़ी जरूरत है—न्याय, समानता, स्वतंत्रता, भाईचारा, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा करना। हम लोकतंत्र और देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने के लिए संकल्प लेते हैं।”
अपने बयान में खड़गे ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी औपनिवेशीकरण पर लेक्चर दे रहे हैं, जबकि वे उसी विचारधारा से आते हैं जिसने आज़ादी की लड़ाई में कभी भी देश का साथ नहीं दिया। खड़गे ने कहा, “आजादी के समय ये अंग्रेजों के साथ खड़े थे, न कि भारतीय जनता के साथ। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि लोकतांत्रिक संस्थानों को असली चोट कौन पहुंचा रहा है।”
खड़गे ने आगे कहा कि आज भाजपा-आरएसएस संविधान का सम्मान करने का दिखावा कर रहे हैं, जबकि ऐतिहासिक रूप से उन्होंने संविधान की प्रतियां जलाई थीं। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब की प्रतिमा पर फूल चढ़ाना एक औपचारिकता है, लेकिन असल सम्मान संविधान की आत्मा को अपनाने में है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर संवैधानिक संस्थाओं—जैसे चुनाव आयोग, सीबीआई, ईडी, संसद और मीडिया—को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। पार्टी का कहना है कि मोदी-शाह सरकार लोकतंत्र को संस्थागत रूप से कमजोर कर रही है, जिससे जनता की आवाज़ दब रही है।
इस राजनीतिक बयानबाज़ी के साथ कांग्रेस ने पूरे देश में संविधान बचाओ दिवस मनाने का फैसला किया, ताकि लोगों में संवैधानिक अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
संविधान दिवस पर कांग्रेस का यह हमला भारतीय राजनीति में एक बार फिर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव को सामने लाता है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।