अखिलेश यादव पर राजनीतिक हमला: सीएम योगी, ओवैसी और चंद्रशेखर ने एक साथ साधा निशाना

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर बेहद गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सोमवार को चौतरफा राजनीतिक हमला देखने को मिला।

एक तरफ जहां कानपुर के बिठूर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन पर ‘घुसपैठियों के हिमायती’ होने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भी मुस्लिम और दलित वोट बैंक के मुद्दे पर अखिलेश यादव को कड़े शब्दों में घेरा।

आइए जानते हैं कि यूपी के इस ताजा सियासी घटनाक्रम में किसने क्या कहा और इस पर क्या प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

सीएम योगी का तीखा हमला: ‘काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती’

कानपुर के ऐतिहासिक स्थल बिठूर में 441 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

  • दंगों और विरासत का जिक्र: सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश दंगों की आग में जलता था और सरकार दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित करती थी। उन्होंने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मथुरा के दंगों की याद दिलाई।

  • छोटे मियां-बड़े मियां का तंज: अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वोट बैंक के चक्कर में विपक्ष देश के नागरिकों को ही घुसपैठिया बताने में जुटा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश को किस्मत से एक बार गद्दी तो मिल गई, लेकिन बुद्धि नहीं मिली।

अखिलेश यादव का पलटवार और वोटर लिस्ट में ‘फर्जीवाड़े’ का आरोप

सीएम योगी के बयानों के बाद लखनऊ में प्रेसों कॉन्फ्रेंस करते हुए अखिलेश यादव ने करारा जवाब दिया।

  • वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दावा: अखिलेश यादव ने प्रेजेंटेशन के जरिए आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर यूपी की वोटर लिस्ट में फर्जी वोटरों की ‘घुसपैठ’ करा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एक ही नाम से सैकड़ों और हजारों फर्जी एंट्री दर्ज हैं।

  • चुनाव आयोग का जवाब: हालांकि, राज्य चुनाव आयोग के सीईओ (CEO) ने अखिलेश के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि एक जैसे नाम और पारिवारिक पृष्ठभूमि होने के कारण वोटर लिस्ट में डुप्लीकेसी का आरोप पूरी तरह सही नहीं है।

ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद ने बढ़ाई सपा की टेंशन

मुस्लिम और दलित राजनीति के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव अपने ही सहयोगियों और विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं।

  • असदउद्दीन ओवैसी का हमला: मुजफ्फरनगर में रैली के दौरान AIMIM प्रमुख ओवैसी ने कहा कि अखिलेश मुसलमानों को केवल ‘दरी बिछाने’ और वोट देने का जरिया समझते हैं। उन्होंने कहा कि अब ‘अब्दुल’ कुर्सी पर बैठेगा और अपना हक मांगेगा।

  • चंद्रशेखर आजाद की शर्त: भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर बीजेपी को हराना है, तो अखिलेश को भीम आर्मी समेत सभी सहयोगियों को सम्मानजनक सीटें देनी होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वोटों का बिखराव होता है, तो इसके जिम्मेदार खुद अखिलेश यादव होंगे।

  • सियासी हलचल: इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने ओवैसी के बयान का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस देश में मौजूद है।

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले शुरू हुई यह बयानबाजी राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे रही है। एक ओर जहां सत्तारूढ़ बीजेपी विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय दल मुस्लिम और दलित वोट बैंक में अपनी मजबूत हिस्सेदारी के लिए दबाव बना रहे हैं। आने वाले दिनों में यूपी की यह सियासी जंग और दिलचस्प होने की उम्मीद है।

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