Voter List Update 2027: चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, 17 राज्यों में वोटर लिस्ट का होगा पुनरीक्षण

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नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) 2027 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग के मुताबिक, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी होगी। इस प्रक्रिया के तहत नए और पहली बार मतदान के योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के साथ-साथ मौजूदा रिकॉर्ड में सुधार किया जाएगा।

आयोग ने 1 जनवरी 2027 को मुख्य योग्यता तिथि (Qualifying Date) मानकर यह कार्यक्रम जारी किया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, उनके लिए SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

नए मतदाताओं को मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, SSR 2027 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो।

आयोग ने 1 जनवरी 2027 के अलावा अगले तीन योग्यता दिवसों यानी 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले संभावित मतदाताओं से भी अग्रिम आवेदन लेने के निर्देश दिए हैं।

इस प्रक्रिया में ऐसे नागरिक भी आवेदन कर सकेंगे, जो पहले से पात्र होने के बावजूद मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं। संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) को पात्र नागरिकों से अधिकतम आवेदन प्राप्त करने और उनके निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट की तारीखें

  • 12 नवंबर 2026: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन।
  • 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
  • 1 जनवरी 2027: मुख्य योग्यता तिथि।
  • 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027: भविष्य की योग्यता तिथियों के लिए अग्रिम आवेदन की सुविधा।

SIR वाले राज्यों के लिए अलग कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।

मुख्य सचिवों को चुनाव आयोग के निर्देश

चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची तैयार करने और संशोधित करने में लगे अधिकारियों को पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), बूथ लेवल सुपरवाइजर और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) शामिल हैं।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से लेकर अंतिम सूची जारी होने तक SSR से जुड़े अधिकारियों का तबादला उसकी पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। किसी अधिकारी का स्थानांतरण जरूरी होने पर संबंधित प्रस्ताव उचित कारणों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से आयोग को भेजना होगा।

पोलिंग स्टेशन को लेकर भी होंगे बदलाव

SSR 2027 के दौरान मतदान केंद्रों की स्थिति और मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया जा सकेगा।

आयोग के निर्देशों के मुताबिक, उसकी पूर्व अनुमति के बिना किसी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। नए मतदान केंद्रों के गठन में यह ध्यान रखा जाएगा कि मतदाताओं को अपने केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा न करनी पड़े और रास्ते में कोई प्राकृतिक बाधा न हो।

मतदान केंद्रों को भूतल या सड़क के प्रवेश स्तर पर बनाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, बहुमंजिला आवासीय परिसरों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, RWA कॉलोनियों और शहरी झुग्गी-बस्तियों में नए मतदान केंद्रों की संभावनाओं का सर्वे किया जाएगा।

परिवारों के नाम एक ही मतदान केंद्र पर रखने पर जोर

मतदाता सूची को व्यवस्थित करते समय चुनाव आयोग ने परिवारों की एकजुटता का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। एक ही घर या फ्लैट में रहने वाले परिवार के सदस्यों को अलग-अलग सेक्शन या मतदान केंद्रों में बांटने से बचा जाएगा।

जहां तक संभव हो, एक ही इमारत, गली या कॉलोनी में रहने वाले मतदाताओं को एक ही सूची भाग में रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र की पहचान करने और मतदान के दिन परेशानी से बचाना है।

BLO करेंगे फोटो और मतदाता रिकॉर्ड का सत्यापन

बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाताओं की तस्वीरों और रिकॉर्ड की जांच करनी होगी। धुंधली, खराब गुणवत्ता वाली या गलत तस्वीरों के मामले में निर्धारित प्रक्रिया के तहत नई तस्वीर प्राप्त की जाएगी।

इसके अलावा, डुप्लीकेट प्रविष्टियों, मृत मतदाताओं और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के रिकॉर्ड की भी जांच होगी। संबंधित मामलों में निर्धारित फॉर्म के माध्यम से नाम हटाने या सुधार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले लंबित दावों और आपत्तियों के निस्तारण पर भी जोर दिया गया है।

वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और सुधार के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?

  • फॉर्म-6: नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के लिए।
  • फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के ओवरसीज मतदाता पंजीकरण के लिए।
  • फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटाने या किसी प्रस्तावित नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए।
  • फॉर्म-8: पता बदलने, विवरण में सुधार, EPIC कार्ड बदलने और दिव्यांग मतदाता संबंधी चिह्नांकन के लिए।

मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रक्रिया?

SSR 2027 के जरिए मतदाता सूची में नए पात्र नागरिकों को शामिल करने, गलत प्रविष्टियों को सुधारने और मतदान केंद्रों की व्यवस्था बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। जिन नागरिकों की उम्र निर्धारित योग्यता तिथि तक मतदान के योग्य हो रही है, उन्हें आवेदन की समयसीमा और संबंधित फॉर्म की जानकारी रखनी चाहिए।

मतदाता सूची में नाम की स्थिति की जांच करना और जरूरत पड़ने पर समय रहते आवेदन करना महत्वपूर्ण है, ताकि चुनाव के समय मतदान करने में किसी तरह की परेशानी न हो।

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