CM योगी ने नारी शक्ति के साहस और पराक्रम को किया नमन, बोले- बदली यूपी की तस्वीर और तकदीर

उत्तर प्रदेश प्रदेश राजनीती वाराणसी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कात्यायनी की आराधना के पावन अवसर पर प्रदेश की नारी शक्ति के साहस, संकल्प और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने प्रदेश की बेटियों और महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों के दौरान खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री के संदेश में महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और खेलों के विकास को प्रमुखता दी गई।

2017 से पहले और अब के उत्तर प्रदेश में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। उनके मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों का असर बेटियों की स्वतंत्रता और उनके अवसरों पर भी पड़ता था। खेल के मैदानों पर अवैध कब्जों और माफिया गतिविधियों का भी उन्होंने जिक्र किया।

सीएम योगी ने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में सुरक्षा और प्रोत्साहन को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। उन्होंने महिला खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी और उपलब्धियों को इन प्रयासों के महत्वपूर्ण परिणामों के रूप में प्रस्तुत किया।

गांव से मंडल स्तर तक खेल सुविधाओं का विस्तार

खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव, जिला और मंडल स्तर पर खेल सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है। मेरठ में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को भी प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सरकार की ओर से ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक रहीं यूपी की बेटियां

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उन महिला खिलाड़ियों का उल्लेख किया, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई है। इनमें एथलेटिक्स की पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, अन्नू रानी और प्राची चौधरी शामिल हैं।

इसके अलावा जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया तथा कुश्ती में दिव्या काकरान ने अपने प्रदर्शन से खेल जगत में पहचान हासिल की है।

इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अलग-अलग खेलों में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी यह भी दिखाती है कि खेलों में महिलाओं के लिए अवसरों का विस्तार कितना महत्वपूर्ण है।

महिला सशक्तीकरण और खेल विकास पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश में बेटियों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। खेल सुविधाओं का विस्तार, पदक विजेताओं को प्रोत्साहन और सरकारी नियुक्तियों के अवसर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं।

प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और खेल विकास को लेकर सरकार की पहलों के बीच महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियां विशेष महत्व रखती हैं। इन प्रयासों का व्यापक प्रभाव इस बात से भी आंका जाएगा कि गांवों और छोटे शहरों की प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के कितने अवसर मिलते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *