भारतीय टीम के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले को वेस्टइंडीज टीम अपने नाम करने में कामयाब रही। तीसरे मैच में उनके कप्तान शे होप के बल्ले से शानदार नाबाद 162 रनों की पारी देखने को मिली। होप ने इस मैच में जीत के बाद दिए अपने बयान में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी का भी जिक्र किया।
सीरीज के पहले दो मैच गंवाने के बाद तीसरा मैच जीता
भारत के दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबलों को गंवाने के बाद वेस्टइंडीज की टीम पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन न्यू चंडीगढ़ के मैदान पर खेले गए सीरीज के तीसरे मुकाबले को विंडीज टीम 5 विकेट से अपने नाम करने में कामयाब रही।
इस मैच में विंडीज टीम की जीत में उनके कप्तान शे होप ने बल्ले से अहम भूमिका निभाई। 352 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए उनके बल्ले से शानदार नाबाद 162 रनों की पारी देखने को मिली। इस सीरीज में शे होप के बल्ले से यह लगातार दूसरा शतक था।
धोनी से बातचीत का मिला फायदा
तीसरे वनडे मैच के बाद दिए अपने बयान में विंडीज कप्तान शे होप ने ब्रॉडकास्टर के साथ बातचीत में कहा:
“हम सीरीज को शानदार तरीके से खत्म करना चाहते थे, इसलिए मुझे खुशी है कि आज टीम ने जीत हासिल की। सबसे पहले तो हमारी टीम में एक बल्लेबाज़ कम था या शायद दो अगर आप विटेल लॉज को भी गिनें। इसलिए यह हमेशा एक चुनौती होती है।”
शे होप ने आगे बताया कि महान खिलाड़ी एमएस धोनी के साथ उनकी इस बारे में अच्छी बातचीत हुई थी और धोनी ने उन्हें क्या सलाह दी:
“महान खिलाड़ी एमएस धोनी के साथ मेरी इस बारे में अच्छी बातचीत हुई थी और उन्होंने मुझे बताया था कि आपके पास हमेशा उतना समय होता है जितना आप सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा।”
इस सलाह के आधार पर शे होप ने अपनी बैटिंग रणनीति बनाई:
“इसलिए मैं बस नतीजे पर बहुत अधिक ध्यान ना देने की कोशिश कर रहा था। बस प्रोसेस पर ध्यान दिया और खेल को जितना हो सके छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की कोशिश की और आखिरी ओवर्स में बाउंड्री लगाने के तरीके ढूंढे।”
पिछले 2-3 साल से हम अच्छा खेल रहे हैं
शे होप ने अपने बयान में आगे कहा:
“मुझे लगता है कि हमने बीच-बीच में बहुत अच्छा क्रिकेट खेला, बल्लेबाज रन बना रहे और हम यही तो करना चाहते थे। ऐसे में हां हम पिछले दो-तीन सालों से हम बहुत अच्छा खेल रहे हैं और बल्लेबाज ज्यादा कंसिस्टेंट रहे हैं।”
उन्होंने भारतीय पिचों की चुनौतियों के बारे में भी बात की:
“हम जानते हैं कि भारत में पिचें बल्लेबाजों के लिए अधिक मददगार होती हैं। आपको यहां अपनी स्किल्स दिखानी होती हैं और गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। इसलिए गेंदबाजी के नजरिए से हमने बहुत कुछ इस सीरीज में सीखा है।”