Vitamin D Deficiency : धूप को Vitamin D का सबसे आसान स्रोत माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर के लिए विटामिन डी इतना जरूरी क्यों है? यह एक फैट-सॉल्युबल विटामिन है, जो शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के इस्तेमाल में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए यह हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के साथ-साथ मांसपेशियों और सामान्य इम्यून सिस्टम के लिए भी जरूरी है।
जब शरीर में Vitamin D की कमी हो जाती है, तो इसका असर हड्डियों और मांसपेशियों पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं इसकी कमी के आम संकेत और कौन-सी चीजें डाइट में शामिल की जा सकती हैं।
Vitamin D की कमी के लक्षण क्या हैं?
Vitamin D की कमी हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखाती। कई बार हल्की कमी में कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं होते। कमी ज्यादा होने पर कुछ लोगों में ये परेशानियां देखने को मिल सकती हैं:
लगातार थकान या कमजोरी
मांसपेशियों या हड्डियों में दर्द
मांसपेशियों में कमजोरी
हड्डियों के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं
बार-बार बीमार महसूस होना
मूड में बदलाव या बाल झड़ने जैसी समस्याओं के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल इन लक्षणों के आधार पर Vitamin D की कमी मान लेना सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ब्लड टेस्ट कराया जा सकता है।
Vitamin D Foods: डाइट में शामिल करें ये चीजें
खाने से मिलने वाला Vitamin D सीमित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। कुछ अच्छे विकल्प ये हैं:
1. फैटी फिश
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी फैटी फिश डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें Vitamin D के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मिलता है।
2. अंडे की जर्दी
अंडे की जर्दी में थोड़ी मात्रा में Vitamin D के साथ प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। संतुलित डाइट में इसे शामिल किया जा सकता है।
3. फोर्टिफाइड दूध
कुछ दूध और दूसरे खाद्य पदार्थों में Vitamin D मिलाया जाता है। इन्हें फोर्टिफाइड फूड्स कहा जाता है। खरीदते समय पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारी जरूर देखें।
4. मशरूम
कुछ मशरूम, खासकर UV लाइट के संपर्क में आए मशरूम, Vitamin D2 का स्रोत हो सकते हैं। इन्हें भी संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
5. डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद कैल्शियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। हालांकि इनमें Vitamin D की मात्रा उत्पाद के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।