अयोध्या। पवित्र पर्व रक्षाबंधन को लेकर रामनगरी अयोध्या में इस बार विशेष और अनोखी तैयारी की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी परंपरा के तहत अयोध्या से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन प्रमुख हस्तियों को रक्षा सूत्र यानी राखी भेजी जाएगी। यह रक्षा सूत्र माता शांता की ओर से भेजे जाने की धार्मिक परंपरा के रूप में तैयार किया गया है।
इस पहल के जरिए अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और मंगलकामना का संदेश देशभर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी राखी
अयोध्या से भेजे जाने वाले विशेष रक्षा सूत्र देश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाए जाएंगे। इनमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अयोध्या से यह विशेष रक्षा सूत्र भेजा जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, रक्षाबंधन के अवसर पर इन प्रमुख हस्तियों के लिए अयोध्या से मंगलकामना और आशीर्वाद का संदेश भेजा जाएगा।
श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान ने संभाली जिम्मेदारी
इस धार्मिक पहल की जिम्मेदारी श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान ने उठाई है। संस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह की ओर से राखियां तैयार कराने और उन्हें भेजने की व्यवस्था की गई है।
आयोजकों के अनुसार, इन रक्षा सूत्रों को साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ अभिमंत्रित किया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता शांता का विवाह महर्षि श्रृंगी से हुआ था। इसी पौराणिक परंपरा से जुड़ी मान्यता के तहत रक्षाबंधन पर विशेष रक्षा सूत्र भेजे जाने की परंपरा निभाई जाती है।
केले के तने के रेशों से तैयार हुईं राखियां
इस वर्ष तैयार की गई राखियों की खासियत उनका प्राकृतिक स्वरूप है। इन्हें केले के तने के रेशों से तैयार किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इन राखियों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से बनाया गया है और इनमें पारंपरिक धार्मिक भावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है।
केले के तने से बने रेशों से तैयार इन राखियों को विशेष रूप से सजाया गया है, ताकि यह रक्षा सूत्र अयोध्या की धार्मिक परंपरा और प्राकृतिक जीवनशैली का प्रतीक बन सके।
सबसे पहले रामलला को समर्पित होगा रक्षा सूत्र
देश के प्रमुख नेताओं और संवैधानिक पदों पर आसीन हस्तियों को राखियां भेजने के बाद माता शांता की ओर से तैयार पहला रक्षा सूत्र भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला को समर्पित किया जाएगा।
अयोध्या में रक्षाबंधन के इस आयोजन को धार्मिक परंपरा और राष्ट्रीय भावना के अनूठे संगम के तौर पर देखा जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के माध्यम से रामनगरी से देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की जाएगी तथा रक्षाबंधन के भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाएगा।