1 अगस्त से महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल, डोमिसाइल सर्टिफिकेट हुआ अनिवार्य

टॉप -न्यूज़ न्यूज़ राष्ट्रीय व्यापार

मुंबई। अगर आप महाराष्ट्र में नया ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। राज्य सरकार 1 अगस्त 2026 से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नए नियम के तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को मूल निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट) जमा करना होगा। इसके बिना लाइसेंस नहीं बनाया जाएगा।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में बताया कि इस नए नियम का प्रस्ताव कानून एवं न्याय विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इसे 1 अगस्त से लागू कर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।

सरकार के अनुसार, कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने और सही लोगों को ही लाइसेंस जारी करने के लिए अब डोमिसाइल सर्टिफिकेट अनिवार्य किया जा रहा है। यानी 1 अगस्त के बाद आवेदन करते समय बाकी जरूरी दस्तावेजों के साथ मूल निवास प्रमाण पत्र भी देना होगा।

इसी के साथ महाराष्ट्र सरकार बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए भी नई नीति लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, बाइक टैक्सी चलाने वाले ऑपरेटरों को सरकार को प्रतिदिन 5 रुपये शुल्क देना होगा। इसके अलावा हर राइड पर 2 रुपये ड्राइवर वेलफेयर फंड में जमा किए जाएंगे।

नई नीति के तहत बाइक टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस, पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज और पुलिस कैरेक्टर वेरिफिकेशन भी अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे यात्रियों, खासकर महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा बेहतर होगी और बाइक टैक्सी सेवाएं अधिक भरोसेमंद बनेंगी।

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि बिना अनुमति निजी दोपहिया वाहन से सवारी ढोना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में कार्रवाई पहले की तरह जारी रहेगी। पिछले एक साल में परिवहन विभाग ने सैकड़ों अवैध बाइक टैक्सियों के खिलाफ अभियान चलाकर कई वाहन जब्त किए, लाखों रुपये का जुर्माना वसूला और कई मामलों में एफआईआर भी दर्ज की।

सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और राज्य में परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है। 1 अगस्त से नियम लागू होने के बाद महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों को नए दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *