अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के मुआवजे को लेकर उठ रहे सवालों पर एयर इंडिया ने स्पष्ट बयान दिया है।
पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बेटी राधिका मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में एयरलाइन ने कहा कि परिवारों पर अंतिम मुआवजा स्वीकार करने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है और वे चाहें तो जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार कर सकते हैं।
एयर इंडिया ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों के कानूनी अधिकार सुरक्षित हैं और मुआवजा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है।
बयान की प्रमुख बातें
एयर इंडिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी शोकग्रस्त परिवार पर मुआवजा समझौते पर हस्ताक्षर के लिए दबाव नहीं डाला जा रहा।
एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि परिवार चाहे तो अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक मुआवजा स्वीकार करने से इनकार कर सकते हैं।
हादसे की स्वतंत्र जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है; एयरलाइन के पास जांच रिपोर्ट जारी होने की कोई निश्चित तिथि नहीं है।
एयर इंडिया ने बताया कि अंतिम मुआवजा प्रक्रिया अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी; तब से अधिकांश अंतरिम भुगतान हो चुके हैं और दावा फॉर्म जारी किए जा चुके हैं।
टाटा समूह की ओर से बनाए गए AI-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से लगभग सभी परिवारों को एक‑करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जा चुकी है, जो औपचारिक मुआवजे से अलग है।
एयरलाइन ने दोहराया कि परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता लेने या जांच रिपोर्ट का इंतजार करने के बीच किसी एक विकल्प को चुनने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा।
राधिका मिश्रा के आरोप क्या थे?
राधिका मिश्रा ने दावा किया था कि एयर इंडिया पीड़ित परिवारों से दुर्घटना की पूरी सच्चाई सामने आने से पहले ही उनके मुकदमे दायर करने के अधिकार छोड़ने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस मामले में एन चंद्रशेखरन को पत्र भी लिखा था और पारदर्शिता की मांग उठाई थी।
कौन कर रहा है जांच और क्या है अगले कदम
AAIB हादसे की तकनीकी और फोरेंसिक जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के कारणों का ठोस पता चलेगा।
परिवारों के पास मुआवजा स्वीकार करने से पहले रिपोर्ट का इंतजार करने और फिर वैधानिक विकल्प चुनने का अधिकार है।
यदि परिवारों को लगता है कि उनकी सहमति दबाव में ली जा रही है तो वे कानूनी मार्ग अपना सकते हैं; एयरलाइन ने कहा है कि उनके कानूनी अधिकार सुरक्षित हैं।
मानवीय और कानूनी पहलू
यह हादसा न केवल असंख्य जिंदगियों का नुकसान है बल्कि शोक ग्रस्त परिवारों के लिये आर्थिक और भावनात्मक संकट भी ला गया है।