Republic Day Parade 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगा देश की संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का विराट संगम
नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में खास होने जा रही है। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर परेड का मुख्य विषय ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र – विकसित भारत’ रखा गया है।
इस ऐतिहासिक मौके पर देश की सांस्कृतिक विविधता को मंच देने के लिए लगभग 2,500 कलाकार कर्तव्य पथ पर एक साथ प्रस्तुति देंगे। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम भारत की एकता, परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम पेश करेगा।
देशभर के नृत्य रूपों की झलक
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, इस भव्य प्रस्तुति में भारत के प्रमुख शास्त्रीय और लोक नृत्य रूपों को शामिल किया गया है। कलाकार भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी सहित अन्य नृत्य शैलियों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करेंगे। इतनी बड़ी संख्या में कलाकारों का एक साथ प्रदर्शन गणतंत्र दिवस परेड के इतिहास में एक विशेष आकर्षण माना जा रहा है।
नामचीन कलाकारों की रचनात्मक टीम
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की रचनात्मक टीम भी बेहद खास है।
संगीत निर्देशन: ऑस्कर विजेता संगीतकार एम.एम. कीरावनी
गीत लेखन: सुभाष सहगल
प्रस्तुति: अभिनेता अनुपम खेर
कोरियोग्राफी: संतोष नायर
समग्र निर्देशन: संध्या पुरेचा
परिधान और डिजाइन: संध्या रमन
एम.एम. कीरावनी ने इस अवसर को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर देश के लिए संगीत तैयार करना उनके लिए गर्व का क्षण है।
कर्तव्य पथ पर दिखेगा इतिहास
थीम के अनुरूप, कर्तव्य पथ के किनारे लगाए गए पैनलों पर ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती छंदों से जुड़े ऐतिहासिक चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्य मंच पर पुष्प सज्जा की जाएगी।
VVIP संस्कृति से अलग पहल
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में ‘VVIP’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। बैठने की जगहों के नाम भारत की प्रमुख नदियों — गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंधु, नर्मदा, गोदावरी सहित अन्य नदियों के नाम पर रखे गए हैं। वहीं 29 जनवरी को होने वाले ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह में सीटिंग एरिया के नाम भारतीय वाद्ययंत्रों के नाम पर होंगे।
मुख्य अतिथि और खास आकर्षण
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। परेड के समापन पर ‘वंदे मातरम’ थीम वाले बैनर और गुब्बारों को आसमान में छोड़ा जाएगा, जो राष्ट्रभक्ति का संदेश देगा।