- न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 3 विकेट, शुरुआती ODI करियर में बने भारत के टॉप गेंदबाजों में शामिल
इंदौर। भारतीय क्रिकेट को एक और भरोसेमंद तेज गेंदबाज मिल गया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में हर्षित राणा ने भले ही रन लुटाए हों, लेकिन विकेट निकालने की अपनी काबिलियत से उन्होंने इतिहास रच दिया। इस मुकाबले में हर्षित ने 10 ओवर में 84 रन देकर 3 अहम विकेट झटके और इसी के साथ उन्होंने वनडे क्रिकेट में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया।
हर्षित राणा ने इस मैच में न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज डेवान कॉन्वे, विल यंग और क्रिस्चियन क्लार्क को पवेलियन भेजा। इन तीन विकेटों के साथ ही हर्षित राणा पहले 14 वनडे मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस दौरान उन्होंने जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है।
हर्षित राणा ने 6 फरवरी 2025 को वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। डेब्यू के बाद से अब तक उन्होंने 14 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम 26 विकेट दर्ज हो चुके हैं। यह आंकड़ा भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नामों से बेहतर है। प्रसिद्ध कृष्णा ने अपने शुरुआती 14 वनडे में 25 विकेट लिए थे, जबकि अश्विन और बुमराह ने इसी अवधि में 24-24 विकेट झटके थे।
अगर भारतीय गेंदबाजों के शुरुआती वनडे करियर की बात करें, तो इस सूची में सबसे ऊपर अजित अगरकर का नाम आता है। उन्होंने अपने पहले 14 वनडे मुकाबलों में 32 विकेट लिए थे। दूसरे स्थान पर इरफान पठान हैं, जिन्होंने 27 विकेट चटकाए थे। अब हर्षित राणा 26 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हो चुके हैं, जो उनकी निरंतरता और आक्रामक गेंदबाजी को दर्शाता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी हर्षित राणा का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। उन्होंने सीरीज के पहले मुकाबले में 65 रन देकर 2 विकेट झटके, दूसरे मैच में 52 रन देकर एक बल्लेबाज को आउट किया और तीसरे वनडे में 3 विकेट लेकर कुल 6 विकेट अपने नाम किए।
हालांकि, इस सीरीज के बाद हर्षित राणा को वनडे क्रिकेट में अगला मौका मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। भारतीय टीम के कार्यक्रम के अनुसार अगले छह महीनों तक कोई वनडे सीरीज निर्धारित नहीं है। टीम इंडिया अब इंग्लैंड दौरे पर जुलाई में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी, जहां हर्षित राणा के लिए खुद को दोबारा साबित करने का बड़ा मौका होगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हर्षित राणा में भविष्य का लंबा रेस घोड़ा बनने की पूरी क्षमता है। अगर वह अपनी लाइन-लेंथ और इकॉनमी पर थोड़ा और नियंत्रण कर लेते हैं, तो वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं।