विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक प्रतिभा की आवाजाही को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों को सीधा संदेश देते हुए कहा कि जो भी राष्ट्र सीमा पार काम करने वाले पेशेवरों के लिए अनावश्यक बाधाएं खड़ी कर रहे हैं, वे अंततः स्वयं नुकसान उठाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की दुनिया में प्रतिभा (Talent Mobility) किसी भी विकसित अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, और इसे रोकना भविष्य के विकास को रोकने जैसा होगा।
मोबिलिटी पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान जयशंकर ने कहा कि उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) के युग में प्रवेश कर चुके देशों को पहले से कहीं अधिक कुशल पेशेवरों की आवश्यकता है। ऐसे में वीजा प्रतिबंध और इमिग्रेशन पर सख़्ती किसी देश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा,
“अगर वे प्रतिभा के प्रवाह में अत्यधिक रोक लगाएंगे, तो उन्हें कुल मिलाकर नुकसान होगा।”
सीमा पार प्रतिभा पारस्परिक लाभ का रास्ता
किसी देश का नाम लिए बिना जयशंकर ने कहा कि भारत को दुनिया को यह लगातार समझाना होगा कि सीमा पार प्रोफेशनल्स सिर्फ मेहमान नहीं, बल्कि साझा विकास के सूत्रधार हैं। भारत बार-बार यह सिद्ध कर चुका है कि उसकी प्रतिभा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया है।
उन्होंने कहा कि व्यवसायिक जगत और तकनीक क्षेत्र दुनिया को जोड़ने में मदद कर रहे हैं, जबकि राजनीति कभी-कभी इस प्रवाह को सीमित करने की कोशिश करती है। लेकिन अंततः हर देश समझौते की ओर बढ़ता है, क्योंकि वैश्विक उद्योग को तेज, कुशल और टिकाऊ प्रतिभा की जरूरत हमेशा रहेगी।
जयशंकर ने वैश्विक मोबिलिटी पर बढ़ते प्रतिरोध को उन देशों की चिंता से भी जोड़ा, जहां कंपनियां चीन से अपने विनिर्माण केंद्र (Manufacturing Units) हटाकर अन्य जगहों पर शिफ्ट कर रही हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने H-1B वीजा नीति का उल्लेख किया, जिसके तहत लगभग 71% स्वीकृत आवेदन भारतीयों के होते हैं।
प्रतिबंध नहीं, कानूनी मोबिलिटी होनी चाहिए प्राथमिकता
जयशंकर ने कहा कि वैश्विक रिश्तों में अक्सर व्यापार (Trade) पर बात होती है, लेकिन काम और लोगों की आवाजाही को कम महत्व दिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पिछले वर्ष 135 अरब डॉलर का रेमिटेंस आया, जो अमेरिका को भारत के निर्यात से कहीं अधिक है—यह दिखाता है कि वैश्विक प्रतिभा आर्थिक सहयोग का बड़ा माध्यम है।
अवैध आवाजाही पर सख़्त चेतावनी
साथ ही उन्होंने अवैध तरीके से विदेश जाने, मानव तस्करी और अपराधों के बढ़ते नेटवर्क पर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध रास्ते कई तरह के राजनीतिक और आपराधिक एजेंडा से जुड़े होते हैं, जिससे देशों को भारी नुकसान होता है।